चंदखुरी में आयोजित कांग्रेस का संकल्प शिविर नेताओं की लेटलतीफी और अव्यवस्थाओं की भेट चढ़ गया। सभा स्थल पर रखी कुर्सियां तक नहीं भर पाई।
दुर्ग . चंदखुरी में आयोजित कांग्रेस का संकल्प शिविर नेताओं की लेटलतीफी और अव्यवस्थाओं की भेट चढ़ गया। कार्यकर्ताओं को दोपहर 12 बजे से बुला लिया गया था, जबकि बड़े नेता करीब साढ़े 4 बजे शाम को शिविर में पहुंचे। इस पर भी नास्ते व भोजन के लिए मारामारी की स्थिति रही। इससे नाराज आधे से ज्यादा कार्यकर्ता संकल्प से पहले ही शिविर छोड़कर लौट गए। इससे सभा स्थल पर रखी कुर्सियां तक नहीं भर पाई। जो कार्यकर्ता बचे उन्हें संकल्प दिलाकर नेताओं ने शिविर की खानापूर्ति की।
प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में संकल्प शिविर
चुनाव से पहले मैदानी स्तर के कार्यकर्ताओं को रिचार्ज करने प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में संकल्प शिविर लगाया जा रहा है। इसमें बूथ लेबल तक के कार्यकर्ताओं को बुलाकर चुनावी मैनेजमेंट के प्रशिक्षण के साथ जीत का संकल्प भी दिलाया जा रहा है। इस क्रम में गुरुवार को दुर्ग ग्रामीण के चंदखुरी में शिविर आयोजित किया गया था। इसके लिए क्षेत्र के करीब एक हजार कार्यकर्ताओं को एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज में बुलाया गया था।
चार घंटे पहले बुलाया कार्यकर्ताओं को
शिविर में बड़े नेताओं के पहुंचने का समय शाम 4 बजे तय था, लेकिन स्थानीय नेताओं ने पंजीयन व अन्य औपचारिकताओं के नाम पर कार्यकर्ताओं को दोपहर 12 बजे से ही बुला लिया था। दोपहर एक बजे तक करीब 8 00 कार्यकर्ताओं ने पंजीयन भी करा लिया था। इसके बाद लंबा इंतजार कार्यकर्ताओं के नाराजगी का कारण बना।
दोपहर की जगह शाम को भोजन पर नाराजगी
कार्यकर्ताओं की बड़ी नाराजगी की वजह दोपहर के बजाए शाम 7 बजे के बाद भोजन की व्यवस्था बनी। कार्यकर्ताओं को दोपहर 2 बजे नास्ता दिया गया और इसके बाद सीधे शाम को सभा समाप्ति के बाद भोजन दिए जाने की घोषणा कर दी गई। इससे कई कार्यकर्ता नाराज हो गए और लौट गए।
पहले पुनिया बाद में पहुंचे बघेल
शिविर में प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया, सांसद ताम्रध्वज साहू, नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव, करूणा शुक्ला, विधायक कवासी लखमा, प्रशिक्षण प्रभारी राजेश तिवारी सहित अन्य नेता शाम साढ़े 4 बजे पहुंचे। इसके करीब आधे घंटे बाद पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल शिविर में पहुंचे। तब तक आधे कार्यकर्ता लौट चुके थे।
झूठ के बुनियाद पर चल रही प्रदेश सरकार
संकल्प से पहले नेताओं ने बचे हुए कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इसमें सभी ने प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। नेताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार झूठ की बुनियाद पर टिकी है। पुनिया ने हर बूथमें 30 से 40 अतिरिक्त वोट के लिए मेहनत करने की नसीहत दी। नेता प्रतिपक्ष ने घर-घर बिजली पहुंचाने के दावे पर सरकार को घेरा। सांसद ने काले धन की वापसी और बैंक खातों में राशि के मामले में केंद्रसरकार को कटघरे में खड़ा किया वहीं पीसीसी अध्यक्ष ने जिसे टिकट मिले उसके लिए काम करने की नसीहत कार्यकर्ताओं को दी।