भिलाई

CSVTU में फटाफट पेपर जांचने के चक्कर में पास स्टूडेंट को भी कर दिया फेल, 7 फैकल्टी पर लगाया अर्थदंड

सेमेस्टर परीक्षा में उत्तरपुस्तिका की जांच करते वक्त सात शिक्षकों ने ऐसी लापरवाही बरती कि पास छात्र भी फेल हो गए।
2 min read
• •
Updated: 19 Jun 2018, 11:40 AM IST
patrika
CSVTU में फटाफट पेपर जांचने के चक्कर में पास स्टूडेंट को भी कर दिया फेल, 7 फैकल्टी पर लगाया अर्थदंड

भिलाई. छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षा में उत्तरपुस्तिका की जांच करते वक्त सात शिक्षकों ने ऐसी लापरवाही बरती कि पास छात्र भी फेल हो गए। इसी तरह जिन्होंने बेहतर पेपर हल किया था, उन्हें कम अंक दिए गए। जिन छात्रों को खुद की मेहनत पर भरोसा था वे विवि पहुंचे और इस तरह के मूल्यांकन पर आपत्ति करते हुए शिकायत की।

लापरवाही की हद पार कर दी
इसके बाद विवि ने एक-एक विद्यार्थी की उत्तरपुस्तिका को दोबारा जंचवाई। जांच में साफ हो गया कि शिक्षकों ने लापरवाही की हद पार कर दी है।इन शिक्षकों ने फटाफट उत्तरपुस्तिका जांचने के चक्कर में इस कारनामे को अंजाम दिया। इनमें से अधिकतर फैकल्टी ट्विनसिटी के ही कॉलेजों से हैं।

सातों शिक्षकों की लापरवाही के लिए सबक सिखाने विवि ने अहम फैसला लिया है। इन शिक्षकों पर ३-३ हजार रुपए का आर्थिक दंड लगाया गया है। उत्तरपुस्तिका जांच में लापरवाही मे विवि ने पहली बार शिक्षकों पर कार्रवाई की है। यानि चंद रुपयों के लिए उत्तरपुस्तिका जांच में घोर लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों को अब यह रकम अपनी पॉकेट से भरनी होगी।

भविष्य लगा दिया दांव पर
शिक्षक दोबारा लापरवाही बरतता पाया गया तो अर्थदंड की रकम पांच गुना अधिक होगी। इससे पहले भी एक शिक्षक ने पेपर सेट करते वक्त लापरवाही बरतते हुए करीब एक हजार छात्रों का भविष्य दांव पर लगा दिया था। विवि ने बीई आठवें सेमेस्टर की परीक्षा ली थी।

इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेश ब्रांच के पॉवर इलेक्ट्रॉनिक्स का पर्चा हाथ में आते ही छात्रों के होश उड़ गए थे। पर्चे में पूछे गए 75 फीसदी प्रश्न आउट ऑफ सिलेबस थे। शिक्षिका ने विवि वर्तमान में जो सिलेबस नहीं पढ़ाता उसके प्रश्न पेपर में सेट कर दिए थे। यह परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी।

सात फैकल्टी पर कार्रवाई
रजिस्ट्रार सीएसवीटीयू डीएन सिरसांत ने बताया कि सात फैकल्टी पर लापरवाही से उत्तरपुस्तिका जांचने की पुष्टि हुई है। विवि ने इन पर अर्थदंड लगाया है। यह पहली मर्तबा है, लेकिन आगे से जो भी कोताही बरतेगा उन्हें इसी तरह की कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। विवि ने छात्रों के हित में यह कदम उठाया। सवाल उनके भविष्य का है।

Published on: