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मोदी जी, ये है आयुष्मान योजना का कड़वा सच, गरीबों की सूची में बड़े नेता, डॉक्टर और IPS के नाम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सबसे बड़ी और महात्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत का कड़वा सच जानकर आप भी हैरान हो जाएंगे।
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दुर्ग

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Dakshi Sahu

Jun 19, 2018

PATRIKA

मोदी जी, ये है आयुष्मान योजना का कड़वा सच, गरीबों की सूची में बड़े नेता, डॉक्टर और IPS के नाम

मुकेश देशमुख@दुर्ग.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सबसे बड़ी और महात्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत का कड़वा सच जानकर आप भी हैरान हो जाएंगे। यह योजना गरीब परिवार के लिए है, लेकिन इसकी सूची में तमाम ऐसे बड़े लोग शामिल हैं जो शहर के जाने माने धनाड्य हैं। जिनका गरीबी से कोई वास्ता ही नहीं है। आयुष्मान योजना के लिए बनाई गई सूची को दिल्ली से हरी झंडी भी दे दी गई है।

सूची के आधार पर जिले में सत्यापन किया जा रहा है। योजना के क्रियान्वयन के लिए 2011 में हुई आर्थिक सामाजिक गणना की सूची को आधार बनाया गया है। इस सूची में ही भारी गड़बड़ी है। यह योजना शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के गरीब नागरिकों के लिए है। सूची में जिन हस्तियों का नाम शामिल है उससे स्पष्ट है कि योजना का लाभ असल में गरीब नागरिकों को मिलेगा ही नहीं।

इस गड़बड़ी के लिए आखिर कौन है जिम्मेदार
सत्यापन के लिए आई सूची में पूर्व मंत्री कांग्रेस नेता बीडी कुरैशी, चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल हॉस्पिटल के प्रमुख डॉ. एमपी चंद्राकर, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी राजीव चंद्राकर, डॉ.श्वेता चौबे जैसे नामचीन हस्तियों के नाम हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस सूची में स्थानीय स्तर पर काट-छांट नहीं हो सकती। सत्यापन करने के बाद आयुष्मान भारत के हितग्राहियों का पंजीयन किया जाएगा।

सीएम ने इस योजना को दुनिया की सबसे बड़ी योजना बताया
भिलाई में १४ जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा हुई थी। इस सभा में मुख्यमंत्री डॉ रमनसिंह ने अपने संबोधन में आयुष्मान भारत योजना को दुनिया की सबसे बड़ी योजना बताया था। उन्होंने कहा कि हार्ट, सर्जरी, बायपास जैसी गंभीर बीमारी से पीडि़त किसी गरीब को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। उसकी चिंता सरकार ने की है। योजना के तहत गरीबों को इलाज के लिए पांच लाख रुपए सरकार देगी।

हम इसलिए कह रहे, गड़बड़ी है
केन्द्र सरकार इसे सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना बता रही है। बीमार होने पर इलाज के लिए ५ लाख रुपए मिलेगा। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के हिसाब से दो सूची बनाई गई है। वार्ड प्रतिनिधि के अलावा एक सूची स्वास्थ्य विभाग के पास है। इसी सूची के आधार पर स्वास्थ्य विभाग सत्यापन करवा रहा है।

बत्तीस बंगला भिलाई क्षेत्र की सूची का अवलोकन करने से खुलासा हुआ कि योजना के लिए निर्धारित मापदंड होने के बाद भी ऐसे व्यक्ति का नाम शामिल है जो गरीब नहीं है। पूरे जिले की सूची की पड़ताल किए जाए तो ऐसे बहुत से नाम सामने आएगें जो बीपीएल के दायरे में नहीं है।

वास्तविक हितग्राही का नाम सूची में नहीं
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सूची में वास्तविक हितग्राही का नाम शामिल नहीं है। कई वास्तविक हितग्राही स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय में आ रहे हैं। अधिकारी उन्हें बैरंग लौटा रहे हैं, क्योंकि स्थानीय स्तर पर सूची में कुछ नहीं किया जा सकता। अधिकारियों का एक ही जवाब है कि सूची में नाम जोडऩे या काटने का अधिकार उनके पास नहीं हैं।

शहरी क्षेत्र में
कचरा उठाने वाला, भिखारी, घरेलू कामकाजी लोग, सड़क में सामान बेचने वाले, कचरा परिवहन करने वाले, भवन निर्माण कार्य करने वाले, प्लबंर, राज मिस्त्री, पेंटर, वेल्टर, स्वच्छता व गंदगी साफ करने वाले, माली, टेलर, हमाल, कंडक्टर, ड्राइवर, हेल्पर, रिक्शा चालक, दुकानों के सहायक, दुकान कर्मी, भृत्य, होटलों में कार्य करने वाले, मेकेनिक, चौकीदार।

ग्रामीण क्षेत्र में
एक कमरे का कच्चा निवास, जिसके यहां कोई बालिक नहीं, महिला मुखिया जिनके यहा कोई पुरूष बालिग न हो, दिव्यांग, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति, पट्टे के मकान में रहने वाले और मजूदरी करते हो। इस योजना में प्रत्येक गरीब परिवार के सदस्यों को स्वास्थ्य लाभ के लिए शासन से ५ लाख रुपए मिलेगा। जिससे वे देश के किसी भी बड़े अस्पताल में इलाज करा सकते हैं। योजना शुरू होते ही स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी सूची के आधार पर सर्वे कर रहे हैं।

कांग्रेस नेता बीडी कुरैशी ने बताया कि योजना है तो उसे समझने के बाद लाभ लिया जा सकता है। योजना केवल बीपीएल के लिए है तो हम योजना का लाभ नहीं लेंगे। अगर मेरा नाम है तो उस स्थान पर वास्तविक हितग्राही का नाम जोडऩे का सुझाव अवश्य दूंगा। चेयरमैन चंदूलाल चंद्राकर अस्पताल डॉ. एमपी चंद्राकर ने बताया कि उनका नाम सूची में है या नहीं इस बात की जानकारी उन्हें नहीं है।

बंगला नंबर 2 मेरे नाम पर है यह भी मुझे याद नहीं। इस विषय पर मैं कुछ भी नहीं बोल सकता। सूची को देखने के बाद ही कुछ कह पाउंगा। सीएमएचओ डॉ. सुभाष पांडेय ने बताया कि कु छ लोगों का नाम सूची में नहीं है। कुछ नामों पर आपत्ति अगर आती है तो निराकरण के लिए आगे प्रेषित किया जाएगा। सूची में स्थानीय स्तर पर नाम को काटा या जोड़ा नहीं जा सकता। सूची की समीक्षा के लिए पत्र लिखा जाएगा।