CG News: बच्चों के मन से गणित का डर मिटाने खास गणित लैब तैयार की है। अध्यापक कौशल के अलावा प्रज्ञासिंह का समर्पण भी कमाल है। उन्होंने स्कूल में अपने खर्चें पर कई सुधार भी करवाए हैं।
CG News: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में गांव हनोदा की गणित शिक्षिका डॉ. प्रज्ञा सिंह को उनके अनूठे नवाचार के लिए शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सम्मानित करेंगी। सिंह ने गणित जैसे कठिन विषय को लूडो, सांप-सीढ़ी और शतरंज जैसे खेलों के जरिए दिलचस्प और सरल बना दिया। हनोदा की सरकारी स्कूल की अध्यापिका प्रज्ञा सिंह ने गणित को डराने वाला नहीं बल्कि बच्चों का मनभावन विषय बना दिया।
भाज्य और अभाज्य संख्या को समझाने के लिए शिक्षक क्लास नहीं लेते, बल्कि बच्चों को खेलने के लिए भेज देते हैं। घातांक और पूर्णांक जैसे सूत्रों को बच्चे लूडो और सांप-सीढ़ी खेलते हुए सीख लेते हैं। प्रज्ञा ने बच्चों के मन से गणित का डर मिटाने खास गणित लैब तैयार की है। अध्यापक कौशल के अलावा प्रज्ञासिंह का समर्पण भी कमाल है। उन्होंने स्कूल में अपने खर्चें पर कई सुधार भी करवाए हैं। 500 से ज्यादा टीचिंग लर्निंग मैटेरियल (टीएलएम) बनाए हैं।
स्कूली बच्चों को गणित को सांप सीढ़ी और लूडो जैसे आसान तरीकों से समझाती शिक्षिका प्रज्ञा सिंह।
जवाब: गणित लैब बनाने की शुरुआत आठ साल पहले हुई। मैंने देखा कि कमजोर बच्चे गणित से दूर भाग रहे हैं। स्कूल में एक मानसिक दिव्यांग बच्ची थी। उसे गणित समझाने के लिए मैंने छोटा सा प्रयोग किया। टीचिंग लर्निंग मटेरियल के जरिए उसे पूर्णांक और घातांक जैसे विषयों की जानकारी दी। बच्ची ने गजब उत्साह के साथ गणित को सीखना शुरू कर दिया। तब विचार आया कि क्यों न इसे सबके लिए लागू कर दूं। तभी से गणित लैब के कॉन्सेप्ट को बेहतर बनाने में जुटी हूं।
प्रज्ञा सिंह ने कहा, जब मैं स्टूडेंट थी, तब मुझे भी गणित ठीक तरह से समझ नहीं आता था। मैंने सोचा उस समय जितनी परेशानी मुझे होती थी, उतनी ही इन बच्चों को भी होती होगी। बचपन में मैं फार्मूला रट लिया करती थी, लेकिन मैंने इसके विपरीत बच्चों को इसे समझाने का फैसला लिया। इसके लिए टॉपिक पर फोकस करते हुए टीएलएम तैयार किया।