अब पुलिस को शिकायत के बाद जांच होगी।
भिलाई. बीएसपी सीईओ एम रवि ने शनिवार को भिलाई के भट्टी थाना पहुंचकर बीएसपी की स्टेशनरी का गलत उपयोग करने वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। सीईओ ने बताया कि अब तक उनके काम करने के तरीके से कुछ अधिकारी नाराज होकर सेल कॉर्पोरेट आफिस में कई बार शिकायत कर चुके हैं. इसके बाद भी वे मुझे नुकसान पहुंचने के अपने मकसद में कामयाब नहीं हुए तो बीएसपी के स्टेशनरी का गलत उपयोग कर फर्जी साइन से फर्जी आदेश निकाला।
यह है मामला
भिलाई इस्पात संयंत्र के 16 अफसरों के घरों तक एक साथ ट्रांसफर व प्रमोशन लेटर पहुंचने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। लेटर की हलचल दो दिनों से बीएसपी के पूरे अफसरों में रही। इसकी जानकारी जब बीएसपी उच्च प्रबंधन तक पहुंची तो उन्होंने इस फर्जी आदेश की सीबीआई जांच करवाने की बात कही।
शीर्ष अफसर के करीबी
फर्जी आदेश जारी करने वाले ने जिन अधिकारियों का नाम लिस्ट में शामिल किया है। वे सभी बीएसपी के शीर्ष में मौजूद अधिकारियों के करीबी हैं। आदेश में तारीख का खास ध्यान रखा गया है। 2020 में बीएसपी सीईओ एम. रवि रिटायर्ड होने वाले हैं। इसके बाद इन अधिकारियों का तबादला कहां होगा, यह बताया गया है। इससे साफ है कि जिन अफसरों का वर्तमान में चल नहीं रही है, वे इसमें कहीं न कहीं शामिल हैं।
शक पहले से, बस पुष्टि होना शेष
फर्जी आदेश जारी कर बीएसपी के अधिकारियों को दबाव में लाने की कोशिश करने वाले ने एक बड़ी चूक कर दी है। जिसकी वजह से अब वह खुद ही जांच के दायरे में आ रहा है। प्रबंधन के ओरिजन लेटरहेड व लिफाफे का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। जिसका इस्तेमाल किया है। प्रबंधन की नजर में इस तरह के कार्मिक पहले से ही हैं, अब सिर्फ पुष्टि करना शेष है। सूत्रों के मुताबिक बीएसपी में जिन अधिकारियों की दाल नहीं गल रही है, वे इस तरह की हरकत लंबे समय से कर रहे हैं।
बीएसपी सीईओ एम रवि ने बताया कि 16 अधिकारियों के प्रमोशन व तबादले का फर्जी आदेश सेल के लिफाफे में घरों तक पहुंचे हैं। प्रबंधन के लेटरहेड का इस्तेमाल किया गया है, इस वजह से मामला गंभीर है। सीबीआई से जांच करवाई जाएगी, जो दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। फर्जी आदेश पत्र में पर्सनल नंबर, पद, सब कुछ ओरिजन है। इन अधिकारियों की वर्तमान में कहां ड्यूटी है और कहां भेजा जाएगा। वह भी बताया गया है। इसकी वजह से पत्र का राज अधिक समय तक राज रह पाएगा, इसकी उम्मीद कम ही है।
पत्र में तबादले की तारीख 2020 मार्च की है। पहले इस पत्र को अधिकारियों ने किसी की शरारत माना, लेकिन इसमें इस्तेमाल किए गए लेटरहेड व लिफाफे को देखने के बाद उच्च प्रबंधन से इसकी लिखित शिकायत की है। प्रबंधन ने शिकायत व फर्जी आदेश के ओरिजन लेटरहेड को देखने के बाद हरकत में आया है। इस मामले में सीबीआई से जांच करवाने की तैयारी की जा रही है।
इन अधिकारियों के घर पहुंचा पत्र
1.एके सिंह, सीनियर मैनेजर
2. संतोष कुमार, एजीएम
3.अमूल्य प्रियदर्शी, एजीएम
4. केके यादव, सीनियर मैनेजर
5.नरेन्द्र के. बंछोर, एजीएम
6. संजय द्विवेदी, एजीएम
7. आरके मुखर्जी, डीजीएम
8. एसके शर्मा, एजीएम
9. एके मिश्रा, डीजीएम
10. पुष्पा एम्ब्रोस, डीजीएम
11. एस साहूकार, डीजीएम
12. संजय जायसवाल, एजीएम
13. डी ललितानंद, एजीएम
14. सुषमा सक्सेना, एजीएम
15. वैशाली सुपे, एजीएम
16. आर के मुखर्जी, डीजीएम