
भिलाई/दुर्ग . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक बटन दबाते ही शनिवार को बस्तर सीधे रेल सेवा से जुड़ गया। प्रधानमंत्री ने बीजापुर के जांगला से वीडियो कान्फ्रेसिंग के जरिए हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को भानुप्रतापपुर से रवाना किया। ऐतिहासिक क्षण के साथ ही माओवादियों की मांद में धड़धड़ाती हुई ट्रेन दौडऩे लगी। लोको पायलेट प्रतिभा को भानुप्रतापपुर से चलने वाली ट्रेन की जिम्मेदारी दी गई।
शनिवार को दोपहर १.४५ बजे को भानुप्रतापपुर से डेमो ट्रेन छुटी 20 मिनट का सफरर तय कर 2 बजकर 5 मिनट ट्रेन गुदुम पहुंची। 10 मिनट केबाद २ बजकर १५ मिनट में ट्रेन दल्ली राजहरा के लिए रवाना हुई। केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण रावघाट रेल लाइन परियोजना के दूसरे चरण का काम गुदुम से भानुप्रतापपुर तक का काम पूरा हो चुका है। बस यहां तक यात्री ट्रेन चलाने की देर थी, वो भी पूरा शनिवार को पूरा हो गया।
रावघाट रेल लाइन परियोजना दो साल पहले दल्ली राजहरा से आगे गुदुम तक जुड़ा था, अब बस्तर संभाल के तहत भानुप्रतापपुर तक सीधी रेल सेवा के जुडऩे से पूरा इलाका उत्साहित है। शनिवार के दिन का इंतजार जैसे ही खत्म हुआ वहां से धड़धड़ाती ट्रेन की आवाज गुंजने लगी।
यातायात में बड़ी राहत मिलने की जो उम्मीद जगाए हैं वो पूरी हो गई। दल्लीराजहरा स्टेशन से भानुप्रतापपुर तक 34 किलोमीटर बिछाई गई रेल लाईन पर नवनिर्मित भानुप्रतापपुर स्टेशन से दुर्ग ? की ओर पहली बार पैंसेंजर ट्रेन दौड़ी। जिसका शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 14 अपै्रल किया।
बस्तर क्षेत्र का होगा तेजी से विकास
भानुप्रतापपुर तक रेल सेवा शुरू होने से बस्तर क्षेत्र रेलवे नेटवर्क से जुड़ गया। इससे उस क्षेत्र के लोगों को रेल सेवाओं का सीधा लाभ मिलेगा तथा बस्तर क्षेत्र के समुचित विकास को गति मिलेगी। रावघाट रेल परियोजना भिलाई इस्पात संयंत्र के दल्लीराजहरा माइंस मेें आयरन ओर अब लगभग कुछ ही वर्षों के लिए बचा हुआ है।
इस विषम परिस्थिति को देखते हुए भिलाई इस्पात संयंत्र में रावघाट माइंस से जल्द से जल्द आयरन ओर का उत्खनन कर रेल परिवहन द्वारा भिलाई इस्पात संयंत्र तक आपूर्ति किए जाने के लिए केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में रेलवे विभाग द्वारा दल्लीराजहरा-रावघाट रेल लाईन का कार्य तेजी पर है। इस परियोजना का पूर्ण होना बीएसपी के लिए जीवनदायिनी साबित होगा।