
Bhilai Nagar Nigam chunav 2026: भिलाई नगर निगम के 70 वार्डों का आरक्षण तय होने के साथ ही भाजपा और कांग्रेस में प्रत्याशी चयन की कवायद तेज हो गई है। आरक्षण बदलने से कई मौजूदा पार्षदों के समीकरण प्रभावित हुए हैं, वहीं नए दावेदार भी सक्रिय हो गए हैं। दोनों प्रमुख दल संभावित प्रत्याशियों की क्षेत्र में पकड़, सक्रियता और संगठन से जुड़ाव का आकलन करने के लिए सर्वे करा रहे हैं। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर पार्टी स्तर पर नामों पर मंथन होगा।
टिकट की दौड़ में शामिल नेताओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क बढ़ा दिया है। संगठन भी दावेदारों की क्षेत्रीय पकड़, मतदाताओं से संपर्क, पार्टी गतिविधियों में सक्रियता और स्थानीय स्वीकार्यता की जानकारी जुटा रहा है। कुछ वार्डों में एक से अधिक दावेदार होने से चयन प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण हो गई है।
भिलाई के 70 वार्डों में 23 ओबीसी, 9 एससी, 3 एसटी और 24 सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित हुए हैं। सामान्य वर्ग के 24 वार्डों में 11 महिला आरक्षित हैं। इसके साथ ही कई मौजूदा पार्षदों के लिए अपने वार्ड से चुनाव लडऩे की स्थिति बदल गई है। ऐसे दावेदार अब आरक्षण के अनुरूप दूसरे वार्डों में संभावनाएं तलाश रहे हैं।
पार्टियों के सामने प्रत्याशी चुनने के साथ टिकट से वंचित दावेदारों को संभालने की चुनौती भी रहेगी। टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय मैदान में उतरने की संभावनाओं को लेकर दावेदारों के बीच चर्चा है। ऐसे में अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ बागी उम्मीदवार खड़े होने की स्थिति बनी तो पार्टी संगठन को भीतर के असंतोष को साधना होगा।
मौजूदा परिषद में कांग्रेस, भाजपा के साथ निर्दलीय पार्षद भी महत्वपूर्ण संख्या में हैं। 70 सदस्यीय परिषद में कांग्रेस के 37, भाजपा के 24 और निर्दलीय 9 पार्षद हैं। ऐसे में कुछ वार्डों में मजबूत निर्दलीय दावेदारों की मौजूदगी को भी दोनों प्रमुख दल टिकट तय करते समय ध्यान में रख रहे हैं।
खुर्सीपार क्षेत्र के कई वार्डों में टिकट के लिए दावेदारों की सक्रियता बढ़ गई है। सामान्य वार्डों में दावेदारी को लेकर खींचतान ज्यादा है। कई संभावित उम्मीदवार घर-घर संपर्क के साथ संगठन के वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात कर रहे हैं।
आरक्षण के बाद राजनीतिक दलों के सामने वार्डवार मजबूत दावेदारों की पहचान करना अगला बड़ा चरण है। सर्वे में सामने आने वाले नामों और संगठन स्तर पर होने वाले मंथन के बाद प्रत्याशियों की सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके साथ ही यह भी तय होगा कि मौजूदा पार्षदों में कितनों को दोबारा मौका मिलता है और कितने नए चेहरों पर दांव लगाया जाता
70 वार्ड - नगर निगम में कुल वार्ड
23 वार्ड - ओबीसी के लिए आरक्षित
9 वार्ड - एससी के लिए आरक्षित
3 वार्ड - एसटी के लिए आरक्षित
24 वार्ड - अनारक्षित
11 वार्ड - अनारक्षित श्रेणी में महिला आरक्षित
37 पार्षद - वर्तमान परिषद में कांग्रेस
24 पार्षद - वर्तमान परिषद में भाजपा
9 पार्षद - वर्तमान परिषद में निर्दलीय
3 प्रमुख मोर्चे - सर्वे, टिकट चयन और संभावित बगावत
1 सवाल - किस चेहरे पर पार्टी लगाएगी दांव?