
भिलाई की मयूरा कंपनी में बड़ा हादसा (Photo Source- Patrika Create)
Hathkhoj Company Accident: भिलाई के हथखोज स्थित मयुरा कंपनी में काम के दौरान हुए हादसे में 55 वर्षीय मजदूर चंद्रशेखर सिंह की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि काम के दौरान लोहे की बड़ी प्लेट या रॉड उनके सीने के ऊपर गिर गई। हादसे में चंद्रशेखर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल इलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे। हादसे के बाद कंपनी में काम करने वाले अन्य मजदूरों में भी नाराजगी देखने को मिली। मजदूर कंपनी के बाहर पहुंचे और घटना को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। वहीं, परिजनों ने कंपनी प्रबंधन पर सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की है।
जानकारी के मुताबिक, चंद्रशेखर सिंह हथखोज स्थित मयुरा कंपनी में पिछले करीब 7 से 8 वर्षों से काम कर रहे थे। वे मूल रूप से बिहार के रहने वाले थे और लंबे समय से भिलाई में रहकर काम कर रहे थे। बताया जा रहा है कि रोज की तरह वह कंपनी में अपने काम पर मौजूद थे। इसी दौरान काम करते समय लोहे की एक बड़ी प्लेट या रॉड उनके सीने के ऊपर आ गिरी। अचानक हुई इस घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद कंपनी में मौजूद लोगों ने उन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
चंद्रशेखर की मौत की जानकारी मिलने के बाद उनके परिजन अस्पताल पहुंचे। परिवार के लोगों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन की ओर से उन्हें हादसे की जानकारी तत्काल नहीं दी गई। परिजनों के मुताबिक, जब वे कंपनी पहुंचे और वहां मौजूद गार्ड से चंद्रशेखर के साथ हुई घटना के बारे में जानकारी मांगी, तो उन्हें किसी हादसे की जानकारी होने से इनकार किया गया। बाद में परिजनों को पता चला कि चंद्रशेखर को इलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया है। इसके बाद वे अस्पताल पहुंचे, जहां उन्हें मजदूर की मौत की जानकारी मिली। परिजनों ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर नाराजगी जताई और कंपनी प्रबंधन से जवाब मांगा।
हादसे के बाद कंपनी में काम करने वाले मजदूरों में भी नाराजगी देखने को मिली। बड़ी संख्या में मजदूर कंपनी के बाहर पहुंचे और घटना को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। मजदूरों के बीच हादसे के कारण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा रही। उनका कहना था कि औद्योगिक इकाइयों में भारी लोहे की प्लेट और अन्य सामग्री के साथ काम करने के दौरान सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाना जरूरी है।
परिजनों के मुताबिक, चंद्रशेखर सिंह के परिवार में चार बच्चे हैं। वह लंबे समय से भिलाई में रहकर कंपनी में काम कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। उनकी अचानक हुई मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। परिजनों का कहना है कि परिवार की जिम्मेदारी चंद्रशेखर के ऊपर थी। ऐसे में उनकी मौत से परिवार की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
परिजनों ने कंपनी प्रबंधन से मुआवजे की मांग की है। साथ ही परिवार के एक सदस्य को कंपनी में नौकरी देने की मांग भी की गई है, ताकि चंद्रशेखर की मौत के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति को संभालने में मदद मिल सके। परिजनों ने सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि हादसे की वास्तविक स्थिति सामने आनी चाहिए और यदि सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी पाई जाती है तो जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस घटना के कारणों की जांच कर रही है। इसके साथ ही कंपनी में सुरक्षा के इंतजामों और हादसे की परिस्थितियों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होगा कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें किसी तरह की लापरवाही या सुरक्षा संबंधी कमी थी या नहीं। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
औद्योगिक क्षेत्र में काम के दौरान मजदूर की मौत की इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, हादसे के कारणों और जिम्मेदारी को लेकर अंतिम स्थिति पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल चंद्रशेखर सिंह की मौत से परिवार में मातम है। वहीं, कंपनी के अन्य मजदूर भी घटना के बाद चिंतित नजर आए। परिजन मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग पर कंपनी प्रबंधन से कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।
Updated on:
19 Sept 2026 06:54 pm
Published on:
19 Sept 2026 05:29 pm
