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गर्मी मिलते ही बदल लेता है आकार, पानी से जहरीला सीसा भी सोखता है IIT Bhilai का स्मार्ट हाइड्रोजेल

Smart Hydrogel: गर्मी मिलते ही अपना आकार बदलने और पानी में मौजूद हानिकारक प्रदूषकों को सोखने वाला स्मार्ट हाइड्रोजेल आईआईटी भिलाई के शोधकर्ताओं ने विकसित किया है।
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Chhattisgarh News

IIT Bhilai का स्मार्ट हाइड्रोजेल (फोटो सोर्स- पत्रिका)

IIT Bhilai Smart Hydrogel: आईआईटी भिलाई के शोधकर्ताओं ने एक ऐसा स्मार्ट हाइड्रोजेल विकसित किया है, जो गर्म करने पर अपना आकार बदल सकता है और पानी में मौजूद कुछ हानिकारक प्रदूषकों को भी हटाने में सक्षम है। यह सामग्री एक बार दिए गए आकार को याद रखती है और गर्मी मिलने पर वापस उसी आकार में लौट आती है। इस शोध को अंतरराष्ट्रीय शोध जर्नल ‘स्मॉल मेथड्स’ में प्रकाशित किया गया है।

इस हाइड्रोजेल को आईआईटी भिलाई के शोधकर्ता सुदीप्ता पॉल, प्रियंक सिन्हा, अमूल जैन और डॉ. संजीब बनर्जी ने मिलकर विकसित किया है। अलग-अलग रासायनिक पदार्थों के संयोजन से तैयार इस सामग्री को जरूरत के अनुसार विभिन्न आकारों में ढाला जा सकता है। इसे पराबैंगनी प्रकाश की मदद से तेजी से तैयार किया जा सकता है।

रंग और सीसा हटाने में भी सक्षम

हाइड्रोजेल ने पानी में मौजूद मेथिलीन ब्लू, रोडामाइन बी और ईओसिन बी जैसे औद्योगिक रंगों को हटाने की क्षमता दिखाई। इसके अलावा, इसने पानी में मौजूद जहरीले सीसा आयनों को भी सोखने की क्षमता प्रदर्शित की। इससे जल शोधन में इसके संभावित उपयोग की उम्मीद बढ़ी है।

स्मार्ट उपकरणों की दिशा में कदम

एक ही सामग्री में आकार बदलने, मजबूती और प्रदूषकों को हटाने जैसे गुण इसे बहुउपयोगी बनाते हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार, इसका आगे चलकर 4-डी प्रिंटिंग आधारित स्मार्ट पदार्थों के विकास में उपयोग हो सकता है। ऐसी वस्तुएं बाहरी परिस्थितियों, जैसे गर्मी, मिलने पर अपना आकार बदल सकती हैं।

25 सेकंड में पुराने आकार में वापसी

हाइड्रोजेल की आकार बदलने की क्षमता को फूल के आकार के प्रयोग से समझाया गया। इसे फूल के आकार में तैयार करने के बाद दूसरे आकार में मोड़ा गया। गर्म करने पर करीब 25 सेकंड में यह फिर अपने निर्धारित फूल के आकार में लौट आया। परीक्षण में हाइड्रोजेल ने करीब 94 प्रतिशत तक दिए गए आकार को बनाए रखा और गर्म करने पर करीब 85 प्रतिशत तक अपने मूल आकार में वापस आया। कई बार प्रक्रिया दोहराने के बाद भी इसकी कार्यक्षमता बनी रही।

एक ग्राम ने उठाया 250 ग्राम वजन

शोधकर्ताओं ने इसकी मजबूती का भी परीक्षण किया। केवल एक ग्राम सूखे हाइड्रोजेल की मदद से 250 ग्राम वजन की धातु की वस्तु को बार-बार उठाया गया। इससे इसके हल्के होने के बावजूद पर्याप्त मजबूती का पता चला। यह गुण भविष्य में नरम रोबोट और ऐसे उपकरण विकसित करने में उपयोगी हो सकता है, जिन्हें वस्तुओं को पकड़ने या उठाने के लिए डिजाइन किया जाए।