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तबादला हुआ, ज्वाइन नहीं किया… फिर भी 13 महीने मिलता रहा वेतन, दुर्ग शिक्षा विभाग में बड़ा खेल!

Salary Irregularity: दुर्ग के शिक्षा विभाग में तबादले के बाद नई पदस्थापना पर ज्वाइन किए बिना शिक्षक को 13 महीने तक वेतन भुगतान किए जाने का मामला सामने आया है।
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Chhattisgarh News

शिक्षा विभाग में बड़ा खेल! (फोटो सोर्स- AI)

Chhattisgarh EducationNews: दुर्ग जिले के शिक्षा विभाग में तबादले के बाद नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण किए बिना वेतन आहरण का मामला सामने आया है। युक्तियुक्तकरण के तहत शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला तितुरडीह, दुर्ग से शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कोदवागोदान, पंडरिया स्थानांतरित शिक्षक देवेंद्र राय ने जून 2025 में नई पदस्थापना पर ज्वाइनिंग नहीं दी। इसके बावजूद बीईओ कार्यालय दुर्ग के वेतन कक्ष से जुलाई 2026 तक उनका वेतन आहरित होता रहा। राज्य शासन ने पिछले साल ग्रामीण क्षेत्रों के शिक्षकविहीन स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए युक्तियुक्तकरण किया था।

इसके तहत अतिशेष शिक्षकों को चिह्नित कर शिक्षकविहीन स्कूलों में पदस्थ किया गया। दुर्ग जिले में भी 2 और 5 जून को अतिशेष शिक्षकों की काउंसिलिंग कर नई पदस्थापना दी गई थी। संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग दुर्ग के आदेश क्रमांक 187, दिनांक 7 जून के तहत देवेंद्र राय का तबादला कोदवागोदान किया गया था। लेकिन उन्होंने वहां कार्यभार ग्रहण नहीं किया। इसके बाद भी उनके वेतन का भुगतान जारी रहा।

कार्रवाई अब भी बाकीमेनका साहू के मामले में गड़बड़ी प्रमाणित

तबादले के बाद नई जगह ज्वाइन किए बिना वेतन लेने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले शिक्षिका मेनका साहू का मामला सामने आया था। हरदी, डोंगरगांव स्थानांतरित होने के बावजूद उन्होंने नई पदस्थापना पर ज्वाइन नहीं किया और जिले से वेतन आहरित होता रहा। पत्रिका के खुलासे के बाद गठित जांच में मिलीभगत और गंभीर वित्तीय अनियमितता प्रमाणित होने की बात सामने आई थी। इसके बावजूद अब तक संबंधितों पर कार्रवाई नहीं हुई है। प्रकरण की फाइल संयुक्त संचालक कार्यालय में लंबित है।

एलपीसी रोकीरिलीविंग भी दर्ज नहीं

स्थानांतरण के बाद नियमानुसार संबंधित कर्मचारी को पुराने कार्यालय से अंतिम वेतन प्रमाण पत्र (एलपीसी) जारी किया जाता है। इसके आधार पर नई पदस्थापना पर ज्वाइनिंग के बाद वेतन आहरित होता है। इस मामले में आरोप है कि एलपीसी जारी नहीं की गई और रिलीविंग की प्रक्रिया भी सर्विस बुक में दर्ज नहीं हुई। इसके बावजूद वेतन देयक तैयार कर भुगतान होता रहा।

बाबू को नोटिस, पूछाकिस आधार पर दिया वेतन?

मामला सामने आने के बाद बीईओ कार्यालय में हड़कंप मच गया है। विकासखंड शिक्षा अधिकारी विनोद शुक्ला ने वेतन देयक तैयार करने वाली शाखा के प्रभारी बाबू को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उनसे पूछा गया है कि शिक्षक के नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण नहीं करने के बावजूद जुलाई 2026 तक वेतन किस आधार पर आहरित किया गया।

जांच के दायरे में आ सकते हैं दूसरे मामले

ऐसे मामले आने के बाद विभाग को आशंका है, ऐसी गड़बड़ी एक से अधिक मामलों में हो सकती है। बीईओ ने संबंधित कर्मचारियों से ऐसे अन्य संदिग्ध प्रकरणों की जानकारी भी मांगी है। नोटिस के जवाब के साथ विवरण उपलब्ध कराने कहा है।

विनोद शुक्ला, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, दुर्ग के मुताबिक, शिक्षक को एलपीसी जारी करने के साथ बाबुओं को कारण बताओ नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। ऐसे और मामले भी हो सकते हैं, इसलिए रिपोर्ट मांगी गई है। जांच के बाद रिकवरी और अन्य कार्रवाई की जाएगी।