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12 लाख की ठगी का अनोखा तरीका! कॉलेज को ऑनलाइन परीक्षा सेंटर का झांसा देकर ऐसे फंसाया, जानें पूरा खेल

ऑनलाइन परीक्षा सेंटर शुरू कराने का झांसा देकर दुर्ग के निजी कॉलेज से करीब 12 लाख रुपए की ठगी की गई। आरोपियों ने HCL Technologies के नाम का सहारा लिया।
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Online Exam Centre Fraud

Online Exam Centre Fraud: कॉलेज का कराया गया भौतिक मुआयना(photo-patrika)

Online Exam Centre Fraud: छत्तीसगढ़ के भिलाईनगर जिले के ऑनलाइन परीक्षा सेंटर शुरू कराने का झांसा देकर दुर्ग जिले के एक निजी महाविद्यालय से करीब 12 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने खुद को HCL Technologies के परीक्षा सेंटर विभाग से जुड़ा बताया और कॉलेज के ई-मेल पर सेंटर शुरू करने का प्रस्ताव भेजा।

इसके बाद कॉलेज का मुआयना कराया गया और उपकरण, डीजी सेट, परिवहन और बीमा के नाम पर अलग-अलग किस्तों में रकम जमा कराई गई। जब 15 जून के बाद आरोपियों से संपर्क बंद हो गया, तब कॉलेज प्रबंधन को ठगी का अहसास हुआ। शिकायत के बाद नेवई पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Bhilai Crime News: HCL Technologies के नाम से आया था ई-मेल

मामला दुर्ग जिला मुख्यालय से कुछ किलोमीटर दूर अंडा स्थित शैल देवी महाविद्यालय का है। कॉलेज के अध्यक्ष राजन कुमार दुबे ने नेवई थाना में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस के मुताबिक, 12 अप्रैल 2025 को कॉलेज के आधिकारिक ई-मेल पर HCL Technologies के परीक्षा सेंटर विभाग के नाम से एक मेल आया। इसमें कॉलेज में ऑनलाइन परीक्षा सेंटर शुरू करने का प्रस्ताव दिया गया था। मेल में वेदांत कपूर नाम के व्यक्ति का मोबाइल नंबर भी दिया गया था। इसके बाद कॉलेज प्रबंधन की उससे बातचीत शुरू हो गई।

कॉलेज का कराया गया भौतिक मुआयना

प्रस्ताव मिलने के बाद 17 अप्रैल को कॉलेज के ई-मेल पर एक समझौता पत्र भेजा गया। इसके अगले दिन कॉलेज के भौतिक मुआयने के लिए बुल आई नाम की संस्था से एक व्यक्ति के आने की जानकारी दी गई। 18 अप्रैल को एके साहू नाम का व्यक्ति कॉलेज पहुंचा। उसने कॉलेज की बिल्डिंग और परिसर की तस्वीरें लीं और पूरे संस्थान का निरीक्षण किया। जाते समय उसने मुआयने की रिपोर्ट भेजने की बात कही।

Zoom मीटिंग के बाद भेजे गए दस्तावेज

इसके बाद 1 मई को दोपहर 3 बजे से 3:15 बजे तक कॉलेज अध्यक्ष और प्राचार्य कामेश्वर नाथ मिश्रा की Zoom मीटिंग हुई। इसमें HCL Technologies की अनीता नाम की महिला से बातचीत हुई। इसके बाद 5 मई को गोपनीयता और साझेदारी से संबंधित दस्तावेज कॉलेज के ई-मेल पर भेजे गए। कॉलेज प्रबंधन ने 8 मई को इन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर वापस भेज दिए।

पहले उपकरण के नाम पर लिए करीब 6 लाख रुपए

19 मई को कॉलेज को ऑनलाइन परीक्षा सेंटर के उपकरणों के लिए 5 लाख 98 हजार 743 रुपए का बिल भेजा गया। इसमें भुगतान के लिए एक निजी फर्म का बैंक खाता दिया गया। कॉलेज ने 21 मई को अपने बैंक खाते से इस रकम का भुगतान कर दिया।

इसके बाद डीजी सेट के नाम पर रकम की मांग की गई। 23 मई को 58.5 केवी डीजी सेट के लिए 3 लाख 42 हजार 200 रुपए जमा करने को कहा गया। कॉलेज ने 26 मई को यह रकम भी बताए गए खाते में जमा कर दी। इस तरह दो भुगतानों में कॉलेज से 9 लाख 40 हजार 943 रुपए लिए जा चुके थे।

परिवहन और बीमा के नाम पर भी मांगे पैसे

इसके बाद 11 जून को कॉलेज को सामान भेजने और बीमा के नाम पर दो अलग-अलग रकम जमा करने के लिए कहा गया। परिवहन के नाम पर 1 लाख 35 हजार 700 रुपए और बीमा के नाम पर 1 लाख 62 हजार 840 रुपए मांगे गए। कॉलेज ने 13 जून को दोनों रकम का भुगतान कर दिया। इन दोनों भुगतानों को मिलाकर कॉलेज से 2 लाख 98 हजार 540 रुपए और जमा कराए गए। इस तरह शिकायत के अनुसार कॉलेज से कुल रकम करीब 12.39 लाख रुपए ली गई।

15 जून के बाद बंद हो गया मोबाइल, ई-मेल का भी जवाब नहीं

शिकायत के अनुसार, कॉलेज प्रबंधन 12 अप्रैल से 14 जून तक वेदांत कपूर नाम के व्यक्ति से लगातार बातचीत करता रहा। लेकिन 15 जून के बाद उसका मोबाइल नंबर बंद हो गया। ई-मेल का जवाब भी आना बंद हो गया। काफी समय तक संपर्क नहीं होने के बाद कॉलेज प्रबंधन को पूरे मामले में ठगी का संदेह हुआ।

पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू

कॉलेज प्रबंधन की शिकायत पर नेवई पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब कॉलेज को भेजे गए ई-मेल, दस्तावेज, बैंक खातों में किए गए भुगतान और आरोपियों से हुई बातचीत समेत पूरे मामले की जांच कर रही है।