
Medical College Attendance: ऑनलाइन अटेंडेंस नहीं लगाने पर Salary Cut(photo-patrika)
Medical College Attendance: छत्तीसगढ़ के रायपुर के पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज समेत छत्तीसगढ़ के सभी 10 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों और फैकल्टी की उपस्थिति को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। मेडिकल कॉलेजों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य किए जाने के साथ कुछ स्थानों पर GPS आधारित ऑनलाइन अटेंडेंस सिस्टम भी शुरू किया गया है। अब ऑनलाइन या बायोमेट्रिक अटेंडेंस दर्ज नहीं करने वाले डॉक्टरों का वेतन काटने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद कई डॉक्टरों की ओर से अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर उदासीनता बरतने की बात सामने आ रही है।
डीएमई कार्यालय ने सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों के डीन को ऑनलाइन अटेंडेंस के आधार पर वेतन बनाने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में नेहरू मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने हाल ही में आदेश जारी कर ऑनलाइन अटेंडेंस नहीं लगाने वाले डॉक्टरों का वेतन काटने की बात कही है। हालांकि, इससे पहले जारी निर्देशों का सभी मेडिकल कॉलेजों में पूरी तरह पालन नहीं होने की बात सामने आई है। अब अटेंडेंस रिकॉर्ड को वेतन प्रक्रिया से जोड़ने की तैयारी से डॉक्टरों पर नियमित उपस्थिति दर्ज कराने का दबाव बढ़ गया है।
नियमित अटेंडेंस दर्ज नहीं होने का असर मेडिकल कॉलेजों की फैकल्टी की स्थिति पर भी पड़ रहा है। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के निरीक्षण और रिकॉर्ड में कई संस्थानों में फैकल्टी की संख्या कम दिखाई दे रही है। हालांकि प्रदेश के कई मेडिकल कॉलेजों में वास्तव में भी फैकल्टी की कमी है, लेकिन नियमित उपस्थिति दर्ज नहीं होने के कारण उपलब्ध डॉक्टरों की संख्या भी रिकॉर्ड में प्रभावित हो रही है। इससे कॉलेजों की मान्यता और शैक्षणिक व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका रहती है।
पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज और संबद्ध डॉ. भीमराव आंबेडकर अस्पताल परिसर में करीब 5 से 6 स्थानों पर बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लगाया गया है। डॉक्टरों और कर्मचारियों को निर्धारित स्थान पर अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होती है। इसके साथ ही कुछ जगहों पर मोबाइल आधारित ऑनलाइन अटेंडेंस की व्यवस्था भी लागू की गई है। इसके लिए संबंधित एप डाउनलोड करना होता है और लोकेशन के आधार पर उपस्थिति दर्ज की जाती है।
ऑनलाइन अटेंडेंस सिस्टम को कॉलेज परिसर के करीब 100 मीटर के दायरे में काम करने के लिए तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि डॉक्टर अपनी वास्तविक कार्यस्थल उपस्थिति के दौरान ही मोबाइल से अटेंडेंस दर्ज करें। लेकिन इसी व्यवस्था का कुछ डॉक्टर कथित तौर पर गलत फायदा उठा रहे हैं। स्टाफ क्वार्टर में रहने वाले कुछ डॉक्टर घर से ही ऑनलाइन अटेंडेंस लगाने की कोशिश कर रहे हैं। इससे अस्पताल पहुंचने में देरी और ड्यूटी के निर्धारित समय को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ऑनलाइन सिस्टम में उपस्थिति दर्ज करने के अलावा आउट पंच की सुविधा भी है। आरोप है कि कुछ डॉक्टर अस्पताल में ड्यूटी पूरी करने के बजाय स्टाफ क्वार्टर से ही आउट पंच कर रहे हैं। यदि ऐसी शिकायतें सही पाई जाती हैं तो इससे अटेंडेंस सिस्टम की निगरानी और सत्यापन व्यवस्था पर सवाल उठ सकते हैं। अब कॉलेज प्रबंधन के सामने वास्तविक उपस्थिति और ऑनलाइन रिकॉर्ड के बीच अंतर की जांच करना बड़ी चुनौती है।
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन का जोर अब अटेंडेंस व्यवस्था को वेतन प्रणाली से जोड़ने और नियमित निगरानी पर है। बायोमेट्रिक और GPS आधारित ऑनलाइन अटेंडेंस का उद्देश्य डॉक्टरों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करना है, ताकि अस्पतालों में मरीजों को निर्धारित समय पर चिकित्सा सेवाएं मिल सकें और मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की वास्तविक उपलब्धता का रिकॉर्ड भी सही रहे।
Updated on:
27 Aug 2026 09:26 am
Published on:
27 Aug 2026 09:26 am
