
सरकारी नए कॉलेजों में 511 स्कोर पर सीट (photo source- Patrika)
NEET UG Counselling: छत्तीसगढ़ में एमबीबीएस और बीडीएस में प्रवेश के लिए पहले राउंड की काउंसलिंग में इस बार नया ट्रेंड देखने को मिला है। सरकारी मेडिकल कॉलेजों की तुलना में निजी मेडिकल कॉलेजों की मैनेजमेंट सीटों का कटऑफ ज्यादा रहा। पहले राउंड में मैनेजमेंट कोटे में अधिकतम 549 NEET स्कोर वाले छात्रों को सीट मिली, जबकि नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 511 स्कोर तक सीटों का आवंटन हुआ। जानकारों के मुताबिक, मैनेजमेंट सीटों का कटऑफ बढ़ने की एक बड़ी वजह दूसरे राज्यों के छात्रों की बढ़ती संख्या है। कई राज्यों में मैनेजमेंट कोटे की सीट नहीं मिलने के कारण छात्र छत्तीसगढ़ का रुख कर रहे हैं। निजी मेडिकल कॉलेजों का कहना है कि दूसरे राज्यों की तुलना में यहां फीस अपेक्षाकृत कम होने से भी छात्रों की रुचि बढ़ी है।
चिकित्सा शिक्षा विभाग ने बुधवार को मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में प्रवेश के लिए पहले राउंड की आवंटन सूची जारी कर दी। इस राउंड में एमबीबीएस की 2175 और बीडीएस की 385 सीटों का आवंटन किया गया है। छात्रों को 29 अगस्त से 3 सितंबर तक संबंधित कॉलेज में प्रवेश लेना होगा। एडमिशन से पहले दस्तावेजों का सत्यापन कराना जरूरी होगा।
28 अगस्त को रक्षाबंधन के कारण छुट्टी रहेगी, जबकि रविवार को भी प्रवेश प्रक्रिया जारी रहेगी। सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीट पाने वाले छात्रों के लिए एडमिशन लेना अनिवार्य है। तय समय में प्रवेश नहीं लेने पर वे इस सत्र की आगे की काउंसलिंग प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे। यह नियम सरकारी डेंटल कॉलेज और निजी मेडिकल व डेंटल कॉलेजों की सीटों पर लागू नहीं होगा।
प्रदेश के छह निजी मेडिकल कॉलेजों में NRI कोटे की कुल 192 सीटें हैं, लेकिन पहले राउंड में केवल 32 छात्र ही इस कोटे के लिए पात्र पाए गए। इनमें से 22 सीटें श्री बालाजी मेडिकल कॉलेज को आवंटित हुई हैं, जबकि बाकी 10 सीटें अन्य कॉलेजों को मिली हैं। अगले राउंड में नए छात्रों के पंजीयन और स्क्रूटिनी के बाद पात्र उम्मीदवारों की संख्या बढ़ सकती है।
दूसरे राज्यों के छात्र छत्तीसगढ़ में स्टेट कोटे के तहत सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश नहीं ले सकते। वे यहां मैनेजमेंट कोटे के लिए पात्र हैं। हालांकि, ऑल इंडिया कोटे के जरिए सरकारी कॉलेजों में प्रवेश का विकल्प उनके पास रहता है, जिसकी काउंसलिंग केंद्र स्तर पर होती है। श्री बालाजी मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन डॉ. देवेंद्र नायक के अनुसार, पहले मैनेजमेंट कोटे में कम NEET स्कोर वाले छात्रों को प्रवेश मिलने की धारणा थी, लेकिन इस बार स्थिति बदली है। दूसरे राज्यों के अच्छे स्कोर वाले छात्र भी छत्तीसगढ़ के निजी कॉलेजों में प्रवेश ले रहे हैं।
पहले राउंड में सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों की कुल 3025 सीटों में से 2175 सीटों का आवंटन किया गया है। इनमें रायपुर मेडिकल कॉलेज में 250 में से 204, दुर्ग में 200 में से 156, सिम्स बिलासपुर में 150 में से 120, कोरबा में 125 में से 101 और अंबिकापुर में 125 में से 100 सीटें आवंटित हुई हैं। निजी कॉलेजों में श्री बालाजी मेडिकल कॉलेज की 250 में से 239 सीटें आवंटित हुई हैं। रिम्स में 128, शंकराचार्य में 143, रावतपुरा में 76, अभिषेक में 121 और पद्मावती मेडिकल कॉलेज में 76 सीटों का आवंटन हुआ है।
चिकित्सा शिक्षा विभाग के डायरेक्टर डॉ. यूएस पैकरा ने कहा कि पहले राउंड की आवंटन सूची जारी हो चुकी है। छात्रों को निर्धारित समय सीमा में प्रवेश लेना होगा। खासकर सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीट पाने वाले छात्रों के लिए प्रवेश लेना अनिवार्य है, वरना वे इस सत्र की काउंसलिंग से अपात्र हो जाएंगे।
Updated on:
27 Aug 2026 10:38 am
Published on:
27 Aug 2026 10:38 am
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