
शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगे 15 लाख (Photo Source- Patrika)
Share Trading Fraud: भिलाई में शेयर ट्रेडिंग और गोल्ड लोन कारोबार के नाम पर करीब 15 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। छावनी पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए यतेंद्र सिंह डहरिया उर्फ शिबू (33) को बिलासपुर से गिरफ्तार किया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी ने शेयर बाजार में निवेश के नाम पर रकम ली, पत्नी के नाम डीमैट खाता खुलवाया और बाद में शेयर ट्रांसफर होने की बात कहते हुए कथित फर्जी दस्तावेज और CDSL की रसीद दिखाई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 318(4) और 340(2) BNS के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। मामले की जांच अभी जारी है।
शिकायतकर्ता अभिषेक जैन ने पुलिस को बताया कि वह यतेंद्र सिंह डहरिया को करीब 10 साल से जानता है। उसके मुताबिक यतेंद्र खुद को शेयर मार्केटिंग और गोल्ड लोन का कारोबारी बताता था। वह यूनिक इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंशियल सर्विसेज और एन वाई इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंशियल सर्विसेज के नाम से कारोबार करने की बात करता था। शिकायत के अनुसार मार्च 2024 में यतेंद्र के कहने पर अभिषेक ने अपनी पत्नी निकिता जैन के बैंक खाते से उसे 13 लाख रुपए दिए। इसके अलावा 2.50 लाख रुपए उनके पिता अशोक जैन के जरिए दिए गए। आरोप है कि यह रकम शेयर बाजार में निवेश करने और सुरक्षित रखने के नाम पर ली गई थी।
अभिषेक के मुताबिक यतेंद्र ने खुद को मोतीलाल ओसवाल का सब-ब्रोकर या एजेंट भी बताया था। उसने अभिषेक की पत्नी निकिता जैन के नाम पर डीमैट खाता खुलवाया और दावा किया कि इसी खाते के जरिए शेयर ट्रेडिंग की जाएगी। शिकायतकर्ता का कहना है कि मार्च 2026 में जब इस संबंध में जांच की गई तो पता चला कि यतेंद्र संबंधित कंपनी का मान्यता प्राप्त सब-ब्रोकर या एजेंट नहीं था। इसके बाद निवेश की रकम और खरीदे गए शेयरों को लेकर सवाल खड़े हुए।
शिकायत के मुताबिक, रकम वापस मांगने पर यतेंद्र ने एकमुश्त 18 लाख रुपए लौटाने का भरोसा दिया। इसके बाद उसने दावा किया कि अभिषेक और उनके पिता की रकम से शेयर खरीदे गए थे और वे उसके डीमैट खाते में मौजूद हैं। आरोप है कि 8 अप्रैल 2026 को यतेंद्र ने कहा कि उसका डीमैट खाता निष्क्रिय हो गया है, इसलिए शेयर अभिषेक की पत्नी के डीमैट खाते में ट्रांसफर कर दिए गए हैं। इस दावे को सही साबित करने के लिए उसने CDSL के नाम से शेयर ट्रांसफर की रसीद और अन्य दस्तावेज भी दिए।
अभिषेक का आरोप है कि जब उन्होंने इन दस्तावेजों की जांच कराई तो मामला संदिग्ध नजर आया। उन्होंने जेरोधा और CDSL से संपर्क किया। शिकायतकर्ता के अनुसार, वहां से किसी शेयर ट्रांसफर की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद उन्हें कथित दस्तावेजों की सत्यता पर संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने मामले में उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।
शिकायतकर्ता के अनुसार, लगातार रकम वापस मांगने के बाद मई 2026 के अंतिम सप्ताह में यतेंद्र ने 3 लाख रुपए वापस किए। इसके बाद 1 जून को उसने 15 लाख रुपए के दो चेक दिए। इनमें 10 लाख रुपए का चेक 4 जून और 5 लाख रुपए का चेक 11 जून की तारीख का था। आरोप है कि यतेंद्र ने 2 जून को ही संबंधित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का खाता बंद करा दिया था। ऐसे में दोनों चेक बैंक में लगाए जाने के बाद अनादरित हो गए।
अभिषेक ने पुलिस को बताया कि 10 जून को यतेंद्र से अंतिम बातचीत हुई थी। उस दौरान 11 जून को पूरा पैसा देने की बात कही गई थी। लेकिन अगले दिन जब उससे संपर्क करने की कोशिश की गई तो मोबाइल बंद मिला। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उसके घर और कार्यालय पर भी ताला लगा हुआ था। बाद में जानकारी मिली कि यतेंद्र भिलाई से चला गया है। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस से की गई।
मामले में केवल शेयर ट्रेडिंग ही नहीं, बल्कि गोल्ड लोन से जुड़े आभूषणों को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने अपने परिचित विक्की सिंह संधू, विश्वजीत सिकदर और माधव तांडी के आभूषणों का भी उल्लेख किया है। आरोप है कि गोल्ड लोन के लिए यतेंद्र के पास गिरवी रखे गए करीब 12 ग्राम के ओडिशा डिजाइन के झुमके, 4.5 ग्राम की सोने की अंगूठी और करीब 3.8 ग्राम का सोने का कंगन कथित तौर पर अन्यत्र बेच दिया गया।
छावनी पुलिस ने शिकायत के आधार पर धारा 318(4) और 340(2) BNS के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान मिले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने यतेंद्र सिंह डहरिया उर्फ शिबू की पहचान की। पुलिस ने आरोपी को बिलासपुर से गिरफ्तार किया। वह मूल रूप से समकृष्णनगर, मोपका, चौकी मोपका, थाना सरकंडा, जिला बिलासपुर का निवासी बताया गया है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार मामले में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ली गई रकम, कथित दस्तावेज, चेक, बैंक खाते और गोल्ड लोन से जुड़े आभूषणों समेत अन्य बिंदुओं की जांच की जा रही है। मामले में आगे की विवेचना जारी है।
Updated on:
18 Sept 2026 05:36 pm
Published on:
18 Sept 2026 04:50 pm
