
Digital Arrest: छत्तीसगढ़ के भिलाई जिले में एक महीने तक डिजिटल अरेस्ट रही चंद्राकर परिवार से सीबीआई व मुंबई क्राइम ब्रांच के अधिकारी बनकर 54.90 लाख रुपए का साइबर फ्रॉड के मामले में पुलिस ने और दो आरोपियों को मुंबई ठाणे से गिरफ्तार किया है। इस मामले में चार आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इस तरह 6 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पुलिस गिरोह के सरगना की तलाश कर रही है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी मुंबई में जूते और कपड़े की दुकान संचालित कर साइबर फ्रॉड की दुनिया में लिप्त थे। पुलिस ने आरोपी दुकान संचालक रुशिकेश जोशी और उसके कर्मचारी चंदन बालकरण सरोज को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
इससे पूर्व उत्तरप्रदेश लखनऊ से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। आरोपियों के कब्जे से मोबाइल और आधार कार्ड जब्त किए गए हैं। पुलिस प्रवक्ता एएसपी पद्मश्री तंवर ने बताया कि नेवई थाना में धारा 318 (4) बीएनएस, 67 (डी) आईटी एक्ट के मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
इस मामले में एसएसपी विजय अग्रवाल के निर्देश पर टीम गठित की गई। नेवई टीआई आनंद शुक्ला टीम के साथ मुंबई रवाना हुए। मुंबई के ठाणे से जूता-कपड़ा दुकान संचालक यशस्वी नगर प्रतीक अपार्टमेंट ठाणे निवासी रुशिकेस जोशी (37), टीकुजनी वाडी रोड, कृष्णा नगर ठाणे निवासी चंदन बालकरण सरोज (30) को गिरफ्तार कर लिया। इसके पूर्व में लखनऊ से आरोपी दीपक गुप्ता, राजेश विश्वकर्मा, कृष्ण कुमार और शुभम श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया गया था। इन्होंने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार किया था।
सीएसपी सत्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया कि फ्राड के चार लाख रुपए मुंबई के चंदन बालकरण सरोज के खाते में ट्रांसफर किए गए थे। सायबर सेल ने खाते को खंगाला। फिर टीम मुंबई रवाना हुई और चंदन और रुशिकेस जोशी को मुंबई से गिरफ्तार लिया।
दोनों ने कबूल किया कि चंदन ने अपना खाता रुशिकेस को दिया था, जिसमें चार लाख रुपए आए और इसके बदले में चंदन को चार हजार रुपए कमीशन मिला। एसएसपी विजय अग्रवाल ने कहा की डिजिटल अरेस्ट कर साइबर ठगी के मामले में दो आरोपियों को मुंबई से गिरफ्तार किया गया है। इसके पहले चार आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। अब टीम सरगना को पकड़ने में जुटी है।