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Chhattisgarh News: मेरा दूसरी महिला से संबंध है, पत्नी को साथ नहीं रखूंगा… महिला आयोग के सामने पति ने कबूला, पत्नी करा सकेगी FIR

Bhilai News: छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई में वैवाहिक विवाद का एक मामला सामने आया, जहां पति ने आयोग के सामने दूसरी महिला से संबंध होने की बात स्वीकार की और पत्नी को साथ रखने से इनकार कर दिया।
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Chhattisgarh News

महिला आयोग के सामने पति ने कबूला सच (फोटो सोर्स- AI)

Chhattisgarh News: राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू की अध्यक्षता में हुई जनसुनवाई में वैवाहिक प्रताडऩा और पति के दूसरी महिला से संबंध का मामला सामने आया। पत्नी ने पति पर प्रताडऩा और उपेक्षा का आरोप लगाया। सुनवाई के दौरान पति ने आयोग के सामने स्वीकार किया कि उसके दूसरी महिला से संबंध हैं और वह पत्नी को अपने साथ रखने के लिए तैयार नहीं है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने पीडि़त महिला को पति के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने की कार्रवाई करने की अनुमति दी। आयोग की ओर से आदेश की प्रमाणित प्रति मौके पर ही निशुल्क उपलब्ध कराई गई। इसके आधार पर महिला उतई थाने में वैवाहिक क्रूरता, प्रताड़ना और धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं में एफआईआर के लिए कार्रवाई कर सकेगी। जरूरत पडऩे पर उसे शासन की ओर से निशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।

दहेज प्रताड़ना में एफआईआर के निर्देश

  • दहेज प्रताड़ना के एक मामले में आवेदिका की शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर आयोग ने महिला थाना प्रभारी को तत्काल एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।
  • पति के दूसरी महिला से संबंध की शिकायत के एक अन्य मामले में आयोग ने पति को सख्त समझाइश दी। उसे संबंध समाप्त कर वैवाहिक जीवन सुधारने की हिदायत देते हुए अगली सुनवाई की तारीख तय की गई।
  • भरण-पोषण और बच्चे से मिलने के विवाद में आयोग ने मध्यस्थता कर पिता को महीने में एक बार बच्चे से मिलने पर सहमति दिलाई। आवेदिका को भरण-पोषण के लिए न्यायालय में वाद प्रस्तुत करने की सलाह देते हुए निशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
  • एक मामले में दुष्कर्म की धारा 376 का प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन और गवाही के स्तर पर लंबित मिला। न्यायालय में मामला लंबित होने के कारण आयोग ने अपने यहां चल रहे प्रकरण को नस्तीबद्ध कर दिया।
  • एक अन्य मामले में महिला ने बताया कि पति के साथ खुशी से रह रही है और प्रकरण वापस लेना चाहती है। आयोग ने पति को पत्नी के साथ सम्मानपूर्वक रहने की हिदायत दी।

पहले परिवार बचाने की कोशिश

अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने कहा कि आयोग की प्राथमिकता टूटते परिवारों को जोडऩा और मध्यस्थता के माध्यम से वैवाहिक विवादों का समाधान करना है। लेकिन पति या ससुराल पक्ष के अडिय़ल रवैये और दहेज प्रताडऩा जैसे मामलों में पीडि़त महिला को पुलिस और न्यायालय के माध्यम से कानूनी राहत दिलाई जाती है।