देव बलौदा महोत्सव मुद्दे को लेकर जिन पार्षदों ने सत्तापक्ष का सकारात्मक सहयोग नहीं किया था, उन्हें एमआईसी से बाहर का रास्ता दिखाया।
भिलाई.चरोदा नगर पालिक निगम की महापौर चंद्रकांता मांडले ने कमजोर परफॉरमेंस वाले चार पार्षदों को महापौर कार्य परिषद (एमआईसी) से बाहर कर दिया है। उनके स्थान पर पार्टी के नए चेहरों को मौका देते हुए नए सिरे से आठ सदस्यीय महापौर परिषद का गठन किया है। जिसमें चार पुरुष और चार महिला पार्षदों को मौका दिया है।
सत्तापक्ष का सकारात्मक सहयोग नहीं
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बताया जाता है कि देव बलौदा महोत्सव के मुद्दे को लेकर विपक्ष की ओर से किए गए विरोध प्रदर्शन के दौरान जिन पार्षदों ने सत्तापक्ष का सकारात्मक सहयोग नहीं किया था, उन्हें एमआईसी से बाहर का रास्ता दिखाया गया है। सत्त्तापक्ष के पार्षदों की बेरूखी की वजह से ही इस मुद्दे पर महापौर को एकतरफा विरोध झेलना पड़ा था। शहर में विपक्ष के विरोध को लेकर सत्तापक्ष की खूब किरकिरी हुई थी।
सदस्यों का कार्यकाल एक साल होगा
दरअसल में फरवरी २०१७ को मेयर इन काउंसिल का गठन हुआ तब महापौर चंद्रकांता मांडले ने कहा था कि महापौर परिषद के सदस्यों का कार्यकाल एक साल होगा। एक साल पूरा होने पर परिषद के सदस्यों के कार्यों की समीक्षा की जाएगी। कार्य प्रणाली बेहतर होने पर ही उसे फिर से परिषद में रखा जाएगा। जो सदस्य कमजोर साबित होंगे। उन्हें परिषद से बाहर कर देंगे। उनके स्थान पर नए चेहरे को मौका दिया जाएगा। महापौर ने ऐसा करने के पीछे तर्क भी दिया था कि इससे भाजपा के सभी पार्षदों को निगम के कामकाज सीखने का मौका मिलेगा। वार्ड के साथ शहर के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी समझेंगे।
सामान्य वर्ग के 4 सीट में से तीन ओबीसी को
सबसे खास बात यह है कि ८ सदस्यीय वाले एमआईसी में महिला-पुरुष का अनुपात बराबर है। चार महिला और चार पुरुष सदस्य हैं। अन्य पिछड़ा वर्ग से चार पार्षदों को जगह दी गई है। अधिनियम के मुताबिक महापौर को ८ सदस्यीय एमआईसी में एक अन्य पिछड़ा वर्ग, एससी, एसटी और महिला को जगह देना अनिवार्य है। नियम के मुताबिक उस वर्ग के पार्षद को एमआईसी में शामिल किया गया है। सामान्य वर्ग के चार सीट में से तीन सीट ओबीसी के पार्षद को दिया है।
इनकी कुर्सी गई
सीनियर पार्षद फिरोज फारूकी, सुषमा जेठानी, राम खिलावन वर्मा और पार्थो बाग की महापौर परिषद से कुर्सी छीन गई। एमआईसी से बाहर होने वाले चार में से दो पार्षद सीनियर हंै। फिरोज फारूकी लगातार चार पंचवर्षीय से पार्षद हैं। सुषमा जेठानी दूसरी बार पार्षद बनीं हंै।
दो निर्दलीय को जगह
निर्दलीय चुनाव जीत कर निगम पहुंची पार्षद तुलसी मरकाम और अर्पणा दास गुप्ता प्रभारी बनाई गई हंै। दोनों भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ जाकर चुनाव लड़ी थीं। जीतने के बाद भाजपा ने उन्हें सभापति चुनाव में बहुमत हासिल करने के लिए एमआईसी में जगह देने का वादा किया था। वादा के मुताबिक उन्हें जगह दी गई है।