Diwali Bonus: मजदूरों की मांग है कि कम-से-कम दीपावली से एक सप्ताह पहले उनके खातों में बोनस की राशि पहुंच जाए। ठेका श्रमिक इस वर्ष बोनस को लेकर आंदोलन करने की तैयारी में है...
Diwali Bonus: भिलाई इस्पात संयंत्र के करीब 27 हजार मजदूरों को त्योहार से पहले बोनस दिया जाए। यह मांग हर मजदूर कर रहा है। प्रबंधन तक उनकी आवाज नहीं पहुंच रही है। नियमित कर्मचारी और उनके नेता अपने बोनस को लेकर मंथन कर रहे हैं। ठेका मजदूरों के लिए अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। (CG News ) मजदूरों की मांग है कि कम-से-कम दीपावली से एक सप्ताह पहले उनके खातों में बोनस की राशि पहुंच जाए। ठेका श्रमिक इस वर्ष बोनस को लेकर आंदोलन करने की तैयारी में है। इस मामले में श्रमिक नेता भी उनके साथ लगातार बैठक कर रहे हैं।
बीएसपी में ठेका श्रमिक नियमित कर्मियों के कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं। संयंत्र के मुनाफा में नियमित कर्मियों के बराबर की भागीदारी ठेका श्रमिकों की है। तब बोनस के मामले में उनके साथ दोयम दर्जे का व्यवहार क्यों किया जा रहा है। यह सवाल उठ रहा है। बीएसपी के नियमित कर्मचारी को त्योहार से पहले बोनस दिया जा रहा है और ठेका मजदूरों को त्योहार के बाद भी 3 या 5 हजार थमा दिया जाता है। वे आवाज उठाते हैं, तो काम से बैठा दिया जाता है।
बोनस को लेकर एक ओर नियमित कर्मचारी सोशल मीडिया से लेकर विभागों में तक सक्रिय हो गए हैं। वहीं ठेका श्रमिकों के बोनस को लेकर कोई सुगबुगाहट यूनियन की ओर से नहीं आ रही है। श्रमिकों के नेता के तौर पर प्लांट में संजय साहू, योगेश कुमार सोनी को अब तक देखा जाता रहा है।
बीएसपी में बोनस का पूरा भुगतान नहीं किया जाता है। संयंत्र के कई विभाग में ठेकेदार मजदूरों के बोनस को हजम कर लेते हैं। श्रमिक नेता कई बार इस मामले को उठा चुके हैं। इसके बाद भी बीएसपी का आईआर विभाग और विभाग के एचओडी व ऑपरेटिंग अथॉरिटी मजदूरों को बोनस दिलाने में मदद करने सामने नहीं आते। पिछले साल बोनस के मामले में दस्तावेज के साथ शिकायत करने की बात श्रमिक नेता योगेश कुमार सोनी ने कही थी।
कोक ओवन - 1100
ओर हैंडलिंग प्लांट - 400
टीएण्डडी - 1100
मिल एरिया - 1100
सेल स्टॉक यार्ड - 600
ब्लॉस्ट फर्नेस - 700
मैकेनिकल शॉप - 700
एमआरडी - 600
सिंटर प्लांट- 1,2,3 - 1100
इस्पात भवन - 300
मेडिकल, टाउनशिप - 1000
सुरक्षा कर्मी - 1300