Diwali Festival 2023 : दीपावली पर दीयों से घरों को रौशन करने की परंपरा है।
दुर्ग। Diwali Festival 2023 : दीपावली पर दीयों से घरों को रौशन करने की परंपरा है। शहरी व ग्रामीण आबादी को मिलाकर देखें तो जिले में 5 लाख से ज्यादा परिवार हैं। दीपावली पर इनमें से प्रत्येक परिवार द्वारा औसतन 20 दीये जलाए जाने के आधार पर गणना करें तो इस दीपावली करीब एक करोड़ दीयों से जिला जगमग होगा।
साधारण मिट्टी के दीयों के सबसे अधिक बिक्री
इंदिरा मार्केट में स्टॉल लगाकर दीयों की बिक्री कर रही रूक्मणी ने बताया कि 10 रुपए दर्जन से साधारण दीयों के साथ 150 रुपए के कलात्मक दीयों की खासी डिमांड है। इसके अलावा 15 से 20 रुपए प्रति नग के कलात्मक दीयों की भी अच्छी बिक्री हुई है। गोबर के दीयों की भी इस बार डिमांड अच्छी रही।
डिजाइनर दीयों की अच्छी डिमांड
रूक्मणी ने बताया कि साधारण चाक से बनी दीयों की सबसे ज्यादा डिमांड है, लेकिन लोग इस बार डिजाइनर दीयों को भी खासा पसंद कर रहे हैं। मशीनों से तैयार होने के कारण ये दीये आकर्षक बनते हैं, वहीं इन्हें रंगों से भी सजाया जाता है। ये दीये पूजा पाठ और धार्मिक अनुष्ठान के लिए भी खरीदे जाते हैं।
बढ़ा मिट्टी और गोबर के दीयों का क्रेज
कुछ साल पहले तक दीपावली के बाजार में चायनिज लाइटों का लगभग एकाधिकार हो गया था। इससे मिट्टी के दीयों की खपत कम हो गई थी। पिछले दो दिन साल से मिट्टी और गोबर के दीयों का क्रेज बढ़ा है। अब लोग बिजली से चलने वाले चायनिज लाइटों की बजाए मिट्टी के दीये पसंद कर रहे हैं।