भिलाई

भिलाई में अग्नि हादसा: आधी रात आग लगने से घर में भर गया धुआं, दम घुटने से बुजुर्ग पति-पत्नी की मौत

Fire Accident: औद्योगिक क्षेत्र जामुल फौजी नगर में बुजुर्ग दंपती के घर में आधी रात को आग लग गई। दोनों घर के अलग-अलग कमरे में सोए थे। अचानक आग लगने से घर में धुआं भर गया। घर के दरवाजे को खिड़कियां बंद थी। कमरे में वेंटिलेटर भी नहीं था। जिसके कारण धुआं बाहर नहीं निकला।
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Updated: 17 Feb 2024, 3:44 PM IST
Fire Accident
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Chhattisgarh News: औद्योगिक क्षेत्र जामुल फौजी नगर में बुजुर्ग दंपती के घर में आधी रात को आग लग गई। दोनों घर के अलग-अलग कमरे में सोए थे। अचानक आग लगने से घर में धुआं भर गया। घर के दरवाजे को खिड़कियां बंद थी। कमरे में वेंटिलेटर भी नहीं था। जिसके कारण धुआं बाहर नहीं निकला।

इसके कारण दम घुटने से बुजुर्ग दंपति की मौत हो गई। सूचना पर अग्निशमन दल पहुंचा और आग को बुझाया। दोनों दंपति को अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर दोनों को शव को मॉर्च्युरी भेजा। मामले को जांच में लिया है। आशंका है कि मच्छर क्वाइल या शार्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है।

छावनी सीएसपी अशीष बंछोर ने बताया कि शुक्रवार को सुबह करीब 8 बजे सूचना मिली। फौजी नगर निवासी वर्गिस चेरियन (63 वर्ष) व जॉली चेरियन (59 वर्ष) दोनों साथ रहते थे। दो बेटा और एक बेटी है। इसमें एक बेटा रायपुर में रहता है। रोज की तरह खाना खाने के बाद वर्गिस हाल में सो गए और जॉली अंदर वाले कमरे में सो गईं। स्टोर रुम में पेपर, कपड़ा, गद्दा समेत अन्य सामान रखे थे। जहां आग लग गई। आग गद्दा में लगी, जिससे पूरे कमरे में धुआं-धुआं हो गया। जिससे दम घुटने से दोनों की मौत हो गई।

ऐसे हुई लोगों को जानकारी

जामुल टीआई ने बताया कि मॉर्निंग वाक पर जा रहे एक व्यक्ति की घर पर नजर पड़ी। उन्होंने देखा वर्गिस के मकान खिड़की से धुआं निकल रहा है। खिड़कियों के कांच टूटे गए है। उन्होंने सूचना डायल-112 पर दिया। मौके पर टीम के साथ पहुंचा। इधर सूचना पर फायर ब्रिगेड दल पहुंच गया। पानी फेका और अंदर घुसे। हाल में सोए वर्गिस चेरियन को बाहर निकाला। फिर बेडरुम मे गए। बिस्तर के नीचे पड़ी जॉली चेरियन को बाहर निकाला गया। दोनों को अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

कार्बन मोनोआक्साइड के शरीर में प्रवाह से मौत

सूचना मिलने पर फॉरेसिंक एक्सपर्ट डॉ. मोहन पटेल पहुंचे। उन्होंने देखा रुम गरम था। स्टोर रुम में आग लगी थी। इस कारण उस कमरे में ताप आधिक था। इसी वजह से खिड़कियों के कांच भी टूटे। घर का मुख्य दरवाजा, खिड़कियां बंद थी। कहीं से वेंटिलेशन नहीं थी। इस वजह से धुआं से निकली कार्बन मोने आक्साईड (जहरीली) गैस दोनों के शरीर में प्रवेश कर गई। आक्सीजन मिल नहीं सका। इस कारण दम घुटने से दोनों की मौत हो गई।

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