भिलाई

गणतंत्र दिवस पर टूटता है प्रोटोकॉल, जब दुर्ग में हॉकी स्टिक थामे आमने-सामने होते हैं साहब और जनता, जानिए अनूठी परंपरा

Republic Day 2026: इस परंपरा की शुरुआत 26 जनवरी 1950 को हुई थी। देश आज़ाद हो चुका था, लेकिन आम जनता के मन में प्रशासनिक अधिकारियों को लेकर ब्रिटिश शासन वाला खौफ बाकी था।

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Jan 26, 2026
समानता के अधिकार का महत्व बताने 75 साल से खेल रहे हाकी मैच (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Republic Day 2026: आमतौर पर किसी सरकारी दफ्तर में कलेक्टर या बड़े अधिकारियों से मिलने के लिए जनता को कतारें लगानी पड़ती है और प्रोटोकॉल के कारण फासला स्पष्ट नजर आता है, लेकिन साल में एक दिन ऐसा आता है जब दुर्ग में ये सारी पाबंदियां टूट जाती है। यहां हाथ में हॉकी स्टिक थामे जब जिले के आला अफसर और आम नागरिक आमने-सामने होते हैं, तो जीत किसी एक टीम की नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की होती है।

Republic Day 2026: एकमात्र शहर जहां परंपरा वर्षों से अनवरत जारी

इस परंपरा की शुरुआत 26 जनवरी 1950 को हुई थी। देश आज़ाद हो चुका था, लेकिन आम जनता के मन में प्रशासनिक अधिकारियों को लेकर ब्रिटिश शासन वाला खौफ बाकी था। इसी डर को मिटाने और नागरिकों को उनके संवैधानिक अधिकारों का एहसास कराने के लिए स्वतंत्रता सेनानी रघुनंदन प्रसाद सिंगरौल ने इस हॉकी मैच की नींव रखी। तब से लेकर आज तक, यह सिलसिला अनवरत जारी है।

अब मैचों के आयोजन की बागडोर सीनियर एडवोकेट अमर चोपड़ा संभाल रहे हैं। वे बताते हैं कि दुर्ग छत्तीसगढ़ का एकमात्र शहर है, जहां यह परंपरा इतने वर्षों से अनवरत चली आ रही है। इस मैच का इंतजार अफसरों और नागरिकों दोनों को होता है।

पद की गरिमा के साथ खेल का जुनून

इस मैच की खूबसूरती यह है कि मैदान पर उतरते ही पद का रसूख पीछे छूट जाता है। एडवोकेट अमर चोपड़ा बताते हैं कि कई बार खेल के दौरान अधिकारी चोटिल हुए, लेकिन उन्होंने मैदान नहीं छोड़ा। पूर्व सीएसपी आज़ाद शत्रु बहादुर के पैर में चोट आई थी, फिर भी वे प्राथमिक उपचार के बाद मैदान में डटे रहे। इसी तरह जिले में कलेक्टर रहे बसंत प्रताप सिंह, जवाहर श्रीवास्तव व उमेश अग्रवाल भी चोट लगने के बाद मैदान में डटे रहे।

ड्रॉ मैच के साथ बराबरी का संदेश

इस ऐतिहासिक आयोजन का एक बेहद दिलचस्प नियम रहा है। शुरुआती वर्षों में रेफरी स्व. कस्तूरचंद पुरोहित तब तक मैच समाप्त नहीं करते थे, जब तक दोनों टीमों का स्कोर बराबर (ड्रॉ) न हो जाए। यदि कोई टीम पिछड़ रही होती, तो उसे अतिरिक्त समय दिया जाता था। इसके पीछे का कारण यह था कि जनता और प्रशासन के बीच कोई छोटा या बड़ा नहीं है, दोनों समान हैं, यह संदेश देना। तब से मैच ड्रॉ रखने का क्रम चल रहा है।

आज शाम 4 बजे रविशंकर स्टेडियम में होगा मैच

इस बार भी इस परंपरा का निर्वहन किया जाएगा और गणतंत्र दिवस यानी 26 जनवरी की संध्या शाम 4 बजे रविशंकर स्टेडियम में यह मैच खेला जाएगा। आयोजन समिति के सचिव अमर चोपड़ा ने बताया कि मैच के लिए दोनों टीमों के खिलाडिय़ों के नामों की घोषणा कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जिले का यह हॉकी मैच देश के लिए एक नजीर है। यह हमें याद दिलाता है कि लोकतंत्र में संवाद और मेल-मिलाप ही सबसे बड़े हथियार हैं।

Published on:
26 Jan 2026 05:27 pm
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