
भिलाई. अनियमित दिनचर्या और खराब खानपान की वजह से लोग ब्लड प्रेशर और शुगर की बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट से जो खुलासा हुआ है वह चिंताजनक है। रिपोर्ट के मुताबिक जिले में 15 साल से ज्यादा उम्र के 26.5% पुरुष बीपी और 11.2% महिलाए शुगर के गंभीर मरीज हैं। जिन्हें दवा के सहारे अपना बीपी शुगर को कंट्रोल करना पड़ रहा है। इसके अलावा 23.9 फीसदी महिलाएं ओवर वेट की समस्या से ग्रसित हैं।
जिले की 65.7 फीसदी महिलाओं का ओवर वेट हाई रिस्क जोन में
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट में दुर्ग जिले में रहने वाली ओवर वेट महिलाओं को लेकर आंकड़े जुटाए गए हैं। इसमें ओवर वेट की श्रेणी में आने वाली 23.9 फीसदी महिलाएं हैं। लेकिन, 65.7 प्रतिशत महिलाएं ऐसी भी हैं, जिनका मोटापा हाई रिस्क जोन में पहुंच गया है। इसी तरह पांच साल से कम उम्र के बच्चों की 3 फीसदी आबादी है, जो बचपन में ओवर वेट हो चुके हैं। ऐसे में अब अपनी स्थिति को सुधारने के लिए अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ रही है।
शुगर-बीपी के हाई रिस्क जोन में महिला-पुरुष बराबरी पर
रिपोर्ट के मुताबिक दुर्ग-भिलाई में रहने वाले लोगों के बीच शुगर और बीपी की समस्या इतनी घर कर चुकी है कि उन्हें इसे कंट्रोल करने के लिए दवाओं का सहारा लेना पड़ रहा है। इसमें 12.2 प्रतिशत पुरुष हाई लेवल शुगर की समस्या से ग्रसित हैं। पुरुषों से मात्र एक फीसदी कम 11.2 प्रतिशत महिलाओं का शुगर हाई है।
रिपोर्ट में प्रदेश स्तर पर ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के आधार पर अध्ययन किया गया है। जिसमें खुलासा हुआ है कि शहरी क्षेत्र में रहने वाले महिला-पुरुषों के बराबर ही ग्रामीण आबादी भी हाई शुगर और बीपी की समस्या से ग्रसित हैं। अर्बन एरिया में 12.1% महिलाओं और 12.8 पुरुष शुगर के मरीज हैं। रूलर एरिया में 10.3% पुरुष और 8.1% महिलाएं प्रभावित हैं। बीपी
मामले में शहरी क्षेत्रों में 23.5% महिलाएं और 27.9% पुरुष मरीज हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में 23.6% महिलाएं और 27.7% पुरुषों को बीपी कंट्रोल करने दवा लेनी पड़ती है।