भिलाई

धान खरीदी के साथ कर्ज वसूली, किसानों के कर्जमाफी की उम्मीद पर फिरा पानी

समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की राशि से कर्ज की वसूली पर किसानों ने आपत्ति दर्ज कराई है। किसानों का कहना है कि राजनीतिक दलों ने चुनावी घोषणा पत्र में कर्जमाफी का वादा किया। इस कारण करीब महीनेभर बाद कर्जमाफी की स्थिति बन सकती है।

less than 1 minute read
Nov 11, 2018
Durg patrika
इधर किसान कर्जमाफी की उम्मीद में और उधर धान खरीदी के साथ कर्ज की वसूली

दुर्ग. समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की राशि से कर्ज की वसूली पर किसानों ने आपत्ति दर्ज कराई है। किसानों का कहना है कि राजनीतिक दलों ने चुनावी घोषणा पत्र में कर्जमाफी का वादा किया। इस कारण करीब महीनेभर बाद कर्जमाफी की स्थिति बन सकती है। किसान इस आधार पर समिति प्रबंधकों को वसूली नहीं करने आवेदन सौंप रहे हैं।

खरीदी के साथ ही किसानों से ऋण की राशि वसूली
ज्ञात हो कि किसानों को खेती के लिए सहकारी समितियों के माध्यम से ऋण दिया जाता है। ऋण की राशि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान लिकिंग के माध्यम से समायोजित कर ली जाती है। इस बार भी खरीदी के साथ ही किसानों से ऋण की राशि वसूल की जा रही है। छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के संयोजक राजकुमार गुप्ता का कहना है कि धान खरीदी के माध्यम से कर्ज लौटा चुके किसानों को कर्जमाफी की स्थिति में नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए समितियों को आवेदन देकर वसूली नहीं करने की मांग की जा रही है।

कर्ज लौटाने मार्च तक मियाद
संयोजक राजकुमार गुप्ता का कहना है कि शासन के नियमानुसार कर्ज लौटाने के लिए किसानों के पास मार्च तक का समय है। इसके बाद भी समितियों द्वारा हर साल समय से 4 से 5 माह पहले ही कर्ज की राशि की वसूली कर ली जाती है। शासन के नियमानुसार किसान मार्च से पहले कर्ज लौटाने बाध्य नहीं किए जा सकते।

नहीं तो 450 प्रति क्विंटल नुकसान
संयोजक राजकुमार गुप्ता ने बताया कि बाद में कर्जमाफी के अलावा 25 सौ रुपए समर्थन मूल्य की घोषणा भी की गई है। महीनेभर बाद इस पर भी अमल हो सकता है। ऐसे में किसानों को 450 रुपए प्रति क्विंटल नुकसान उठाना पड़ सकता है। अभी धान 1750 रुपए प्रति क्विंटल और 300 रुपए बोनस दिया जा रहा है।

Published on:
11 Nov 2018 07:02 pm