
GST Raid: भिलाई में स्टेट जीएसटी की एचटीसी (हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनी) में छापेमारी के बाद जांच अभी पूरी नहीं हुई है, लेकिन कंपनी ने अपने स्तर पर 1 करोड़ रुपए जीएसटी जमा कर दिए हैं। कंपनी के मालिक इंद्रजीत सिंह उर्फ छोटू ने लेखा-जोखा और लेन-देन से जुड़े दस्तावेज विभाग को सौंपने के बाद टर्नओवर का आकलन कर यह राशि जमा की है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, रायपुर मुख्यालय में मामले की जांच जारी है और इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) की रिपोर्ट मिलना बाकी है। जीएसटी अधिकारियों के मुताबिक जब्त दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच पूरी होने के बाद मुख्यालय से डिमांड ऑर्डर जारी होगा। इसमें कंपनी द्वारा जमा की गई एक करोड़ रुपए की राशि समायोजित की जाएगी और जांच में जो अतिरिक्त कर देनदारी सामने आएगी, उसकी वसूली की जाएगी। फिलहाल कंपनी की खरीद, बिक्री और लेन-देन के माध्यमों की जांच की जा रही है।
24 और 25 अगस्त को स्टेट जीएसटी और दुर्ग जीएसटी की 12 सदस्यीय टीम ने एचटीसी के ठिकानों पर कार्रवाई की थी। टीम ने कंपनी के कार्यालय से दस्तावेज जब्त करने के साथ डिजिटल रिकॉर्ड का बैकअप भी लिया था। प्रारंभिक जांच में करीब 10 करोड़ रुपए की वित्तीय गड़बड़ी और टैक्स अनियमितता सामने आने की बात कही गई थी। इसके बाद कंपनी के लेखा-जोखा की विस्तृत जांच शुरू हुई।
कंपनी की ओर से दस्तावेज उपलब्ध कराने और एक करोड़ रुपए जमा करने के बावजूद जीएसटी की जांच अभी निर्णायक चरण में नहीं पहुंची है। अधिकारियों के अनुसार आईटीसी की रिपोर्ट और जब्त रिकॉर्ड के मिलान के बाद ही वास्तविक कर देनदारी स्पष्ट होगी।
एचटीसी के मालिक इंद्रजीत सिंह उर्फ छोटू की करीब 1500 गाडिय़ां बीएसपी सहित अन्य औद्योगिक संयंत्रों में चलती हैं। इनमें किराए के वाहन भी शामिल हैं। बड़ी संख्या में वाहन भिलाई स्टील प्लांट में लोहे के परिवहन में लगे हैं। जीएसटी की प्रारंभिक जांच में कंपनी के कारोबार से जुड़े दस्तावेजों में तीन अलग-अलग फर्मों के माध्यम से हेराफेरी और आय-व्यय में विसंगतियों की जांच की जा रही है।