मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता को परखने कलक्टर ने थाली में सिर्फ दाल लेकर चखी और चावल की गुणवत्ता को देखा। वे भोजन करना चाहते थे, लेकिन उस वक्त वहां चम्मच नहीं थी, इसलिए उन्होंने भोजन नहीं किया।
भिलाई@Patrika. दुर्ग विकासखंड के हनोदा प्राथमिक शाला में जब कलक्टर उमेश अग्रवाल ने पहली से लेकर तीसरी के स्लो लर्नर बच्चों को गणित पढ़ाया और उनके सवालों का जवाब बच्चों ने दिया तो वे खुश हो गए। फोकस स्कूल की श्रेणी में आए इस स्कूल में बुधवार को अचानक कलक्टर पहुंचे। तब शिक्षिका कमजोर बच्चों की अलग से क्लास ले रही थी। @Patrika. इस दौरान कलक्टर ने स्कूल में स्वच्छता का निरीक्षण किया साथ ही मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता को भी देखा। इस अवसर पर दुर्ग बीईओ एमपी शुक्ला,सहायक संचालक अमित घोष सहित स्कूल के प्रधानपाठक आदि मौजूद थे। इस मौके पर उन्होंने आसपास की आंगनबाडिय़ों का भी निरीक्षण किया।
सरपंच ने तुरंत मंगाए गिलास
मध्यान्ह भोजन निरीक्षण के दौरान कलक्टर अग्रवाल ने पाया कि बच्चों को पानी पीने के लिए एक भी गिलास नहीं है। तब सरपंच से उन्होंने इसकी व्यवस्था करने कहा।@Patrika. इसी बीच सरपंच ने भी मार्केट से 220 नग गिलास मंगवाकर स्कूल में दिए। इस मौके पर जिलाधीश ने बच्चों को जोड़ और घटाने के तरीके को थोड़ा रोचक ढंग से सिखाया।
चम्मच नहीं मिली तो सिर्फ दाल पी
मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता को परखने कलक्टर अग्रवाल ने थाली में सिर्फ दाल लेकर चखी और चावल की गुणवत्ता को देखा। @Patrika. शिक्षकों की मानें तो वे भोजन करना चाहते थे, लेकिन उस वक्त वहां चम्मच नहीं थी, इसलिए उन्होंने भोजन नहीं किया।