प्रदेश के स्कूल-कॉलेजों में कार्यरत रसायनशास्त्र के शिक्षक अपने विषय में माहिर बनेंगे।
भिलाई . प्रदेश के स्कूल-कॉलेजों में कार्यरत रसायनशास्त्र के शिक्षक अपने विषय में माहिर बनेंगे। आईआईटी भिलाई शिक्षकों को केमेस्ट्री में दक्ष बनाने के लिए सराहनीय पहल करने जा रहा है। इस काम में रॉयल सोसायटी ऑफ केमेस्ट्री भी आईआईटी के साथ होगी। दोनों ही संस्थान शिक्षकों को केमेस्ट्री में आए बदलावों से रूबरू कराने के साथ-साथ प्रयोगशाला में उपयोग की जा रही नई प्रविधियां समझाएंगे। आईआईटी प्रशासन का कहना है कि मई की शुरुआत में ट्रेनिंग प्रोग्राम का आगाज किया जाएगा।
एससीईआरटी ने चुने 45 शिक्षक
आईआईटी भिलाई के ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने प्रदेशभर से ४५ शिक्षकों का चयन कर लिया है। इन शिक्षकों में से ८ दुर्ग संभाग के भी बताए जाते हैं। आने वाले कुछ दिनों में इनकी ट्रेनिंग का शेड्यूल तय किया जाएगा। आईआईटी प्रशासन का कहना है कि ट्रेनिंग देने के लिए रॉयल सोसायटी ऑफ केमेस्ट्री के एक्सपट्र्स मौजूद रहेंगे साथ ही आईआईटी का केमेस्ट्री विभाग में इसमें सीधी मदद करेगा। ट्रेनिंग समाप्त होने के बाद रॉयल सोसायटी शिक्षकों को प्रमाण पत्र भी उपलब्ध कराएगी।
क्या होगा फायदा
आईआईटी प्रशासन के मुताबिक केमेस्ट्री में आए दिन नए आधुनिक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। इस विषय में ढेरों संभावनाएं हैं। प्रदेश की स्कूलों में कार्यरत विषय के शिक्षक नए जमाने की केमेस्ट्री से अपडेट होकर बच्चों को बेहतर मार्गदर्शन दे पाएंगे। रॉयल सोसायटी एक अंतरराष्ट्रीय संस्थान है, जो दुनिया के लगभग सभी देशों में केमेस्ट्री की शिक्षा को बेहतर बनाने का काम कर रही है। इसी तरह आईआईटी भिलाई के केमेस्ट्री विभाग में कार्यरत अनुभवी प्रोफेसरों से भी हमारे शिक्षकों को सीखने का मौका मिलेगा।
क्या कहा डायरेक्टर ने
प्रोफेसर, रजत मूना, डायरेक्टर, आईआईटी भिलाई ने बताया कि केमेस्ट्री के शिक्षकों को ट्रेनिंग देने कार्यक्रम तैयार किया है। एससीईआरटी ने शिक्षकों की संख्या तय कर दी है। मई में ट्रेनिंग शुरुआत करेंगे।