
दुर्ग . महिलाओं व बच्चियों पर अत्याचार के बढ़ती घटनाओं पर यहां मुस्लिम समाज का गुस्सा जमकर फूटा। नाराज समाज के लोग भरी दोपहरी में जुलूस लेकर कलक्टोरेट पहुंचे और कलक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर घटनाओं के दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग उठाई।
मौन रैली निकालकर कलक्टोरेट पहुंचे
मुस्लिम समुदाय के लोग शुक्रवार को जामा मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद मौन रैली निकालकर कलक्टोरेट पहुंचे। जामा मस्जिद के सदर मोहम्मद हबीब खान के नेतृत्व में मौन रैली के बाद प्रतिनिधि मंडल ने कलक्टर उमेश अग्रवाल को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में समाज के लोगों ने ऐसे घटनाओं को अंजाम देने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानून का प्रावधान करने की मांग रखी है। रैली में बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए।
माफी नहीं अब दें फांसी की सजा
राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में मुस्लिम समुदाय ने ऐसी घटनाओं को अंजाम देने वालों के लिए फांसी की सजा की मांग रखी है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि कठोर सजा नहीं होने के कारण घटनाएं तेजी से बढ़ रही है। इसे कठोर सजा का प्रावधान कर रोका जा सकेगा। कठोर सजा से अपराधियों के मन में कानून का भय रहेगा और अपराध करने से बचेंगे।
बोले अपराधियों का नहीं कोई धर्म
जुलूस के दौरान जामा मस्जिद के सदन मोहम्मद हबीब खान ने कहा मुस्लिम समुदाय के लोगों ने घटनाओं की निंदा करने हुए कहा कि अपराधियों का धर्म अथवा जाति से कोई संबंध नहीं होता। ऐसे मामलों में समूचे समाज को एकजूट होकर ऐसे तत्वों का प्रतिकार करना चाहिए।
महिलाओं ने बनाई मानव श्रृंखला
इधर इन घटनाओं के विरोध में गुरुवार महिलाओं ने भी गांधी प्रतिमा के सामने मानव श्रृंखला बनाकर पीडि़तों के लिए न्याय की मांग की। ऑल इंडिया महिला सांस्कृतिक संगठन, ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक यूथ ऑर्गेनाइजेशन और ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेन्ट्स आर्गेनाइजेशन के बैनर तले महिलाओं और विद्यार्थियों ने श्रृंखला बनाकर सभा की और बाद में कलक्टोरेट पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
Published on:
20 Apr 2018 04:15 pm
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