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टैंकरों में इतने छेद कि वार्डों में पहुंचने से पहले हो जाता है खाली

पानी की बर्बादी का नजारा देखना है तो आप जोन-३ मदर टेरेसा जोन कार्यालय चले जाइए। जहां हाईडेन से टैंकर भर जाने के बाद भी पानी बहते रहता है।

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Muncipal corporation Bhilai

भिलाई.पानी की बर्बादी का नजारा देखना है तो आप जोन-३ मदर टेरेसा जोन कार्यालय चले जाइए। जहां हाईडेन से टैंकर भर जाने के बाद भी पानी बहते रहता है। जब टैंकर जोन कार्यालय से वार्डों के लिए निकलता है तो खराब होज वॉल्व से बहते रहता है। वार्डों में पहुंचते तक आधे से भी अधिक पानी खाली हो जाता है। पानी की बर्बादी की यह कहानी अकेले मदर टेरेसा जोन की नहीं है। निगम के अधिकतर टैंकर्स की यही हाल है। इस प्रकार की लचर व्यवस्था से निगम प्रशासन को दोहरा नुकसान हो रहा है।

दो मिनट तक पानी छलकते रहा
पत्रिका की टीम जोन-3 कार्यालय पहुंची तो जंग लगी हुई टैंकर में हाईडेन से पानी भरा जा रहा था। लगभग १५ मिनट में ४ हजार क्षमता के टैंकर भर गई। इसके बावजूद दो मिनट तक पानी छलकते रहा। आसपास खड़े लोगों ने सुपरवाइजर ज्ञानचंद मारकण्डेय को आवाज दिया। तब उन्होंने हाइडेन के वाल्व को बंद किया। जब टैंकर जोन कार्यालय से केम्प क्षेत्र के लिए निकली और जहां से भी गुजरी। सड़क पानी से तरबतर (गीला) हो गया। लीकेज वाले यह टैंकर 28 मिनट में लगभग दो किलोमीटर की दूरी तय की।

सैकड़ो लीटर पानी नाली में बह गया

वार्ड-24 के साड़ी मोहल्ला के पास पहुंचा। तब तक टैंकर का पानी लीकेज की वजह से आधा से अधिक खाली बह चुका था। टैंकर में जितना पानी था। उसे आसपास रहने वाली 10 परिवार की महिलाओं ने प्लास्टिक का डिब्बे में भरा और टैंकर खाली हो गया। वाल्व की कमी वजह से सैकड़ो लीटर पानी नाली में बह गया।

सभी जगह यही हाल
पानी की बर्बादी की यह कहानी अकेले मदर टेरेसा जोन की नहीं है। वैशाली नगर, नेहरू नगर, वीर शिवाजी नगर जोन में ऐसे ही 39 टैंकर है। जिसमें होज वॉल्व नहीं है। जंग लगे टैंकर को पॉलिश भी नहीं किया गया है। जन स्वास्थ्य को ताकपर रखकर जंक लगे टैंकर से वार्डों में पानी सप्लाई किया जा रहा है। जो पानी के साथ निगम प्रशासन को भी नुकसान पहुंचा रहा है।

सबसे खराब स्थिति केम्प क्षेत्र में
वैसे नगर पालिक निगम के कुल 16 वार्डों में जल संकट की स्थिति है। इनमें सबसे खराब स्थिति केम्प क्षेत्र के वार्ड-24 और वार्ड-25 की है। इन दोनों ही वार्डों में सात टैंकर से 63 स्थानों पर पानी सप्लाई की जाती है। अकेले वार्ड 24 में ही 52 स्थानों पर निगम के पांच टैंकर से पानी सप्लाई किया जाता है।

दोहरा नुकसान कैसे
लीकेज वाले टैंकर्स से पानी सप्लाई में दोहरा नुकसान को आप इस तरह से समझ सकते हैं। लीकेज की वजह से हजारो लीटर पानी लोगों तक पहुंचने से पहले व्यर्थ बह जाता है। ऊपर से निगम को वाहनों के र्इंधन और चालक के वेतन पर भी बड़ी राशि खर्च होता है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जनता की गाड़ी कमाई पानी सप्लाई के नाम कैसे बर्बाद किया जा रहा है।

सभी का रटारटाया जवाब
टैंकर से वार्डों में पानी सप्लाई करने की जिम्मेदारी जोन कमिश्नर्स की है। जब इस मामले में नेहरू नगर जोन कमिश्नर संजय बागड़े, वैशाली नगर जोन कमिश्नर आरके साहू, मदर टेरेसा जोन कमिश्नर बीके देवांगन, वीर शिवाजी नगर जोन कमिश्नर संजय शर्मा का रटारटाया एक ही जवाब है कि टैंकर का मरम्मत और पालिश कराया जाएगा, लेकिन वाल्ब कब तब बदले जाएंगे। इस सवाल का स्पष्ट जवाब किसी के पास नहीं है।