केंद्र सरकार और राज्य सरकार की मंशा के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग जिला को मलेरिया मुक्त करने अभियान छेड़े है। मलेरिया मुक्त ग्राम बनाने के लिए हाई रिस्क मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में दवा लोपित मच्छर दानी का वितरण किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर जेपी मेश्राम व जिला मलेरिया अधिकारी डॉक्टर सीबीएस बंजारे, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर आशीष शर्मा ने बताया कि 2020-21 में एक केस पॉजिटिव फेलसि फेरम मलेरिया मिला था, जो खतरनाक होता है।
गांव में बांट रहे मच्छर दानी
उन्होंने बताया कि इसलिए इस गांव को हाई रिस्क मानकर प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित करने दवा लोपित मच्छर दानी दिया जा रहा है। बीईटीओ व स्वास्थ्य सुपरवाइजर सैयद असलम ने बताया कि ग्राम की सरपंच पुष्पा लता ठाकुर और उप सरपंच विक्की यादव ने मच्छर दानी का वितरण शुरू किया। ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजिका नीना चक्रवर्ती मितानिन, कुमुद ठाकुर और डेहरीन यादव प्रतिदिन सर्वेक्षण अनुसार गर्भवती माताओं, शिशुवती माताओं ओर प्रत्येक समान्य व्यक्ति को उनके घरो में जाकर वितरण किया जा रहा है।
255 घरों में किए संपर्क
बीईटीओ स्वास्थ्य सुपरवाइजर ने बताया कि गर्भवती 12 व कुल 25 शिशुवती महिलाओं व 225 लोगों को वितरण किए। इस दौरान 255 घरों में संपर्क कर जागरूक भी किए। मेडिकल आफिसर डॉक्टर भुनेश्वर कठौतिया ने बताया कि मलेरिया रोग से बचने जागरूकता अभियान जरूरी है, साफ सफाई करते हुए पानी जमाव के क्षेत्र गंदगी को रोकने जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील किया है कि मलेरिया से बचाव में अहम भूमिका स्वयं की होती है, कोई भी बुखार को मलेरिया मानकर चलें, खून जांच अवश्य करवाएं और पॉजिटिव आने पर समीप के शासकीय अस्पतालों में नि:शुल्क उपचार प्राप्त करें।
यह है लक्ष्ण
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर आशीष शर्मा ने बताया कि लक्षणों को जानना जरूरी है। ठंड व कंपकंपी के साथ बुखार और पसीने के साथ बुखार का उतरना, सरदर्द, एक दिन या दो दिन छोड़कर बुखार आना इसका प्रमुख लक्षण है।