
भिलाई. भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन की कथित वादा खिलाफी से नाराज व्यापारी 29 नवंबर बुधवार को टाउनशिप बंद रखेंगे। सेक्टर के सभी मार्केट, सड़क किनारे लगने वाले ठेले, खोमचे भी बंद रहेंगे। मेडिकल दुकान, पेट्रोल पंप, कोचिंग संस्थान और गैस एजेंसी के संचालकों ने भी बंद का समर्थन किया है। व्यापारी सुबह 10.30 बजे सिविक सेंटर में जुटेंगे। वहां से रैली निकालकर बीएसपी के नगर सेवाएं विभाग पहुंचेंगे। प्रदर्शन कर अपनी मांगों से प्रबंधन को अवगत कराएंगे।
बंद का आह्वान भिलाई स्टील सिटी चेंबर ऑफ कॉमर्स ने किया
बंद का आह्वान भिलाई स्टील सिटी चेंबर ऑफ कॉमर्स ने किया है। चेंबर के अध्यक्ष ज्ञानचंद जैन ने संयंत्र प्रबंधन को दी चेतावनी पत्र में कहा है पूर्व में कई दौर की बातचीत और ज्ञापन सौंपने के बाद भी व्यापारियों की समस्याओं के निदान और टाउनशिप में नागरिक सुविधाओं को लेकर प्रबंधन का रूख सकारात्मक नहीं है। जानबूझकर व्यापारियों को प्रताडि़त किया जा रहा है। प्रबंधन के लोकतांत्रिक मूल्यों के आचरण के अभाव ने व्यापारियों को आंदोलन करने मजबूर कर दिया है।
इन मुद्दों को लेकर व्यापारी उतरेंगे सड़क पर
1. वित्तीय वर्ष 2011-12 और 2012-13 की प्रॉपर्टी टैक्स में छूट पर सहमति जताने के बाद भी प्रबंधन इसका क्रियान्वयन नहीं कर रहा है। 2. लीज नवीनीकरण में विधिसम्मत कार्ययोजना का अभाव। 3. लीजधारकों को राशि भुगतान के लिए परिपत्र जारी कर जबरिया मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताडि़त किया जा रहा है।4. सफाई की एवज में यूजर चार्ज वसूली जा रही है, लेकिन मार्केट क्षेत्र की सड़कों में सफाई प्रॉपर नहीं हो रही है। 5. व्यवस्था अनुरूप छोटे-छोटे निर्माण पर भी मासिक पैनल रेंट वसूला जा रहा है। यह सिर्फ व्यापारियों को परेशान और हताश करने के लिए है। 6. मंत्री स्तर की बैठक में लिए गए निर्णय पर प्रबंधन अमल नहीं कर रहा है।
बंद को सफल बनाने टाउनशिप में कराई मुनादी
बंद को सफल बनाने भिलाई स्टील सिटी चेंबर ऑफ कॉमर्स ने पूरे टाउनशिप में लाउड स्पीकर के जरिए मुनादी करवाई। सेक्टरवार मार्केट में बैठकों के अलावा व्यापारियों से व्यक्तिगत भी संपर्क किया। सभी शैक्षणिक संस्थानों व संगठनों से भी समर्थन मांगा। हाउस लीज संघर्ष समिति और कुछ यूनियनोंं ने भी बंद को समर्थन देने की घोषणा की है।
भिलाई बचाने के लिए है यह आंदोलन
व्यापारियों का कहना है कि यह आंदोलन सिर्फ व्यापारिक हित के लिए नहीं अपितु पूरे टाउनशिप में नागरिक सुविधाओं को बेहतर करने और भिलाई को बचान के लिए है। प्रबंधन की लगातार अनदेखी के कारण भिलाई अपना मूल स्वरूप खोता जा रहा है। सुविधाओं के मामले में कभी पूरे प्रदेश में टाउनशिप का उदाहरण दिया जाता था, आज स्थिति पटरीपार से भी बदतर हो गई है।