
भिलाई. शहर के एक निजी अस्पताल में महज 1000 रुपयों के लिए गंभीर मरीज को एक घंटे तक रेफर नहीं करने का मामला सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार कोहका चंद्र नगर निवासी सूरज खटीक पिता सरल खटीक माईल स्टोन स्कूल के पास सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था।
108 एंबुलेंस को मेकाहारा रायपुर के लिए रवाना होने नहीं दिया
जिसे राहगीरों ने किसी तरह निजी अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल की सूचना पर जब परिजन मरीज को लेने पहुंचे तो वहां के स्टाफ ने रेफर करने के कुछ रुपए जमा कराने कहा। रुपए जमा नहीं करने के एवज में उन्होंने एक घंटे तक मरीज और 108 एंबुलेंस को मेकाहारा रायपुर के लिए रवाना होने नहीं दिया।
प्राथमिक उपचार के बाद परिजन कर रहे थे रेफर करने की मांग
स्मृति नगर स्थित निजी अस्पताल में घायल मरीज के परिजन गरीबी के कारण वहां उपचार करवाना नहीं चाह रहे थे। इसी बीच प्राथमिक उपचार के बाद वे मरीज को रायपुर अंबेडकर अस्पताल रेफर करने की मंाग कर रहे थे। जिसके लिए उन्होंने संजीवनी १०८ एंबुलेंस भी बुला लिया था। निजी अस्पताल प्रबंधन प्राथमिक उपचार का भी पैसा तुरंत जमा करने पर ही रेफर करने की बात कहते हुए अड़े रहे।
लोगों की सूचना पर पहुंचे भाजपा नेता
कॉलोनी के लोगों ने भाजपा नेता शारदा गुप्ता को फोन कर इस पूरे मामले की सूचना दी। उन्होंने तत्काल अपोलो हॉस्पिटल पहुंचकर डॉक्टर सावंत से फोन पर बात की मगर डॉक्टर सावंत ने भी मरीज को छोडऩे से मना कर दिया। मरीज दर्द से तड़प रहा था। पूरे चेहरे मे गंभीर चोट लगी थी। जिसके बाद मरीज को जबरन १०८ एंबुलेंस में रवाना कराया गया।
होती रही बहस
इधर महज १ हजार रुपए के मरीज को रेफर नहीं करने के मामले पर भाजपा नेता की अस्पताल प्रबंधन से जमकर बहस हुई। उन्होंने प्रबंधन के नीति पर सवाल उठाते हुए इसे बेहद शर्मनाक और मानवता को शर्मसार करने वाली घटना बताया। साथ ही इसकी शिकायत जिला मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी से करने की बात कही। ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो।
Published on:
28 Nov 2017 04:10 pm
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