भिलाई

शृंखला हत्याकांड: विधि का उल्लंघन करने वाले बालक को 20 साल सश्रम कारावास

Chhattisgarh crime cases: भिलाई के बहुचर्चित श्रृंखला यादव हत्याकांड के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) गणेश राम पटेल के न्यायालय में फैसला सुनाया गया। दोष साबित होने पर विधि का उल्लंघन करने वाले बालक (नाबालिग) को 20 साल सश्रम कैद की सजा सुनाई।
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Updated: 8 Feb 2024, 11:13 AM IST
शृंखला हत्याकांड: विधि का उल्लंघन करने वाले बालक को 20 साल सश्रम कारावास
शृंखला हत्याकांड: विधि का उल्लंघन करने वाले बालक को 20 साल सश्रम कारावास

Chhattisgarh Crime: भिलाई के बहुचर्चित श्रृंखला यादव हत्याकांड के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) गणेश राम पटेल के न्यायालय में फैसला सुनाया गया। दोष साबित होने पर विधि का उल्लंघन करने वाले बालक (नाबालिग) को 20 साल सश्रम कैद की सजा सुनाई। एक अन्य धारा में उसे एक साल की सजा से दंडित किया गया। न्यायालय ने उस पर 3000 रुपए का जुर्माना भी लगाया।

न्यायालय ने सजा भुगताने के लिए उसे बाल संप्रेक्षण गृह पुलगांव भेजने का आदेश दिया। प्रदेश का यह पहला मामला है जिसमें विधि का उल्लंघन करने वाले बालक को 20 साल सश्रम कैद की सजा हुई है। घटना के समय विधि का उल्लंघन करने वाले बालक की उम्र 17 साल 11 माह 25 दिन थी। वर्तमान में वह करीब 22 साल का है।

शहर में भारी आक्रोश फैल गया था,जुलूस और रैलियां निकाली
इस मामले में नेवई पुलिस ने बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 12 एवं भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा (घ) 302 एवं 201 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया। जांच करते पुलिस अपचारी बालक तक पहुंच गई। अपचारी बालक को कई बार श्रंखला का पीछा करते देखा गया था। वह करीब दो माह से उसका पूछा कर रहा था। श्रृंखला के मना करने के बाद भी वह नहीं माना और एक दिन पीछा करते उसकी जान ले ली।

इस घटना के बाद शहर आक्रोश फैल गया था। लोगों ने जुलूस और रैली निकालकर अरोपी की गिरफ्तारी की मांग की। नेवई थाना के तत्कालीन टीआई गौरव तिवारी ने खुद रूचि लेकर मामले की जांच को आगे बढ़ाया और अपचारी बालक को गिरफ्तार किया।

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