शासन ने वर्ष 2007 में निगम को 7 करोड़ रुपए जारी किए थे पर वर्तमान में यहां सड़क को देखकर गौरवपथ जैसा गर्व होता ही नहीं है।
भिलाई. गुरुनानक मार्केट से छावनी चौक तक गौरव पथ का निर्माण किया गया है। शासन ने वर्ष २००७ में इस योजना के तहत निगम को ७ करोड़ रुपए जारी किए थे पर वर्तमान में यहां सड़क को देखकर गौरवपथ जैसा गर्व होता ही नहीं है। स्वीकृति के अनुसा दिसंबर 2008 तक कार्य पूर्ण हो जाना था। गौरव पथ की शुरुआत गुरुनानक मार्केट से और समाप्त छावनी चौक पर होना था। शुरू और अंत में स्वागत द्वार बनाने की प्लानिंग थी। सड़क के दोनों और फुटपाथ बनाया जाना था। विडंबना है कि ११ साल बाद भी नहीं बन पाया है। इसके साथ सड़क के किनारे बाउंड्रीवाल को आकर्षक बनाना था। डिवाइडर में पेड़ लगाए जाने थे। लाइटिंग की पर्याप्त व्यवस्था की जानी थी।
जगह-जगह हो गए गड्ढे
गौरव पथ के दोनों ओर जिस तरह की सुंदरता की बात ठेका शर्तों में कही गई थी, वह कहीं नजर नहीं आती। शुरू से ही सड़क के अलग-अलग हिस्से में मरम्मत कार्य किया जा रहा है। अब तो सड़क में जगह-जगह गड्डे हो चुके हैं जिसमें लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं।
इनको हो रही दिक्कत
गौरव पथ से हर दिन औद्योगिक क्षेत्र, हाऊसिंग बोर्ड, नंदनी रोड, जामुल, कैंप एरिया, जवाहर नगर के हजारों लोग जाना आना करते हैं। जिला कांग्रेस, दुर्ग सचिव मनीष जग्यासी ने कहा कि इस गौरव पथ की उपेक्षा व अपूर्ण कार्य की शिकायत राज्यपाल से करेंगे। इसके बाद भी इसे पूर्ण नहीं किया गया, तो आंदोलन किया जाएगा।
गौरव पथ धूल से हो रहा सराबोर
वैशाली नगर चौकी के सामने, बैकुंठ धाम विद्युत मंडल के पास के गड्ढों में मुरम डाल दिए हैं, जिसकी वजह से गाडिय़ां चलने से धूल उड़ रही है। यहां से गुजरने वाले लोगों का जीना दूभर हो गया है। स्ट्रीट लाइट तक पूरी नहीं जलती।
दुर्ग और रायपुर का गौरव पथ बेहतर
प्रदेश के अन्य शहरों में गौरव पथ बना है, वह बहुत सुंदर नजर आता है। वहां का गौरव पथ शहर का गौरव है, लेकिन भिलाई का यह गौरव पथ 11 साल बाद भी अपना गौरव हासिल नहीं कर पाया।