
42 साल बाद किसानों को मिला न्याय (Photo AI)
Chhattisgarh News: धमधा ब्लॉक के ग्राम परसकोल के किसानों का 42 वर्षों पुराना संघर्ष आखिरकार रंग ले आया। वर्ष 1984 में सिंचाई परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई जमीन का मुआवजा पाने की उम्मीद छोड़ चुके किसानों को अब न्याय मिलने जा रहा है। जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 17 किसानों के लिए करीब 54 लाख रुपए की मुआवजा राशि जारी कर दी है। लंबे समय से अपनी हक की लड़ाई लड़ रहे किसानों ने इस पहल के पत्रिका के प्रति आभार जताया है।
मुआवजा नहीं मिलने से परेशान किसानों ने किसान बंधु संगठन के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद की। किसान नेता टेकसिंह चंदेल के नेतृत्व में किसानों ने धमधा तहसील, एसडीएम कार्यालय और कलेक्टोरेट का घेराव किया, लेकिन लंबे समय तक प्रशासन ने मामले पर गंभीरता नहीं दिखाई। इसके बाद किसानों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी और दोबारा मोर्चा खोलते हुए प्रशासन पर दबाव बनाया।
पत्रिका ने किसानों की पीड़ा और प्रशासनिक लापरवाही को लगातार प्रमुखता से प्रकाशित किया। सिलसिलेवार खबरों के माध्यम से चार दशक से लंबित इस मुद्दे को मजबूती से उठाया गया। खबरों के प्रकाशन के बाद प्रशासन हरकत में आया और पुराने दस्तावेजों तथा फाइलों की जांच कर मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया शुरू कराई।
महिलाओं की सीटों पर लापरवाही से 58 बस ऑपरेटरों पर गिरी गाज
24 अप्रैल को ‘सीटें आरक्षित, महिलाएं खड़ी’ शीर्षक से प्रकाशित खबर के बाद आरटीओ हरकत में आ गया। समाचार के प्रभाव से कार्यालय परिवहन उड़नदस्ता ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए एक ही दिन में 58 यात्री बसों पर मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किए।
चेकिंग अभियान के दौरान कुल 50300 रुपए का शुल्क वसूला गया। कार्रवाई की जद में प्रदेश की कई बड़ी बस सेवाएं आईं। अधिकांश बसों पर धारा 194(ए), 9/177 और 78/177 के तहत कार्रवाई हुई जो मुख्य रूप से परमिट उल्लंघन और क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने से जुड़ी थीं। पढ़े पूरी खबर
1,000 की कमी पर 4.36 लाख का मुआवजा
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एटीएम से 1,000 रुपए कम निकलने की मामूली लगने वाली घटना ने एक जागरूक उपभोक्ता की दृढ़ता से बैंकिंग तंत्र को आईना दिखा दिया। महावीर पार्क, महासमुंद निवासी शिक्षक जयराम पटेल ने 12 साल लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 4 लाख 36 हजार 787 रुपए का मुआवजा हासिल किया। मामला 27 अक्टूबर 2010 का है, जब एटीएम से 2,000 रुपए निकालने पर मशीन से केवल 1,000 रुपए निकले, जबकि खाते से पूरी राशि कट गई। पढ़े पूरी खबर
Published on:
13 May 2026 10:08 am
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