भिलाई

एसएलआरएम सेंटर में काम करने वालों को अब मिलेगा मानदेय

भिलाई के एसएलआरएम सेंटर में काम करने वाले सफाई कर्मियों को अब मानदेय दिया जाएगा। यह सफाई कर्मी अब तक निगम की सफाई ठेका एजेंसी के अधीन काम कर रहे थे। वहीं अब वे एनजीओ के अधीन रहकर काम करेंगे। जुलाई 2024 से यह व्यवस्था शुरू की गई है। इससे सफाई कामगारों को मिलने वाली कई सुविधाओं में कटौती हो जाएगी

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Jul 12, 2024

नगर निगम, भिलाई के स्वास्थ्य विभाग में ठेकेदार के अधीन काम करने वाले जिन श्रमिकों को इएसआई और पीएफ का लाभ पिछले 8 साल से मिल रहा था। अब नई व्यवस्था की वजह से यह मिलना बंद हो जाएगा। इसी तरह से इन श्रमिकों को शासन से तय न्यूनतम वेतन भी नहीं दिया जाएगा। अब मानदेय के नाम पर एनजीओ की ओर से जितना पैसा मिलेगा, उतने में काम करना होगा।

200 सफाई कर्मी हुए हैं प्रभावित

नगर निगम, भिलाई के 9 एसएलआरएम सेंटर में काम करने वाले करीब 200 ठेका श्रमिक इसके जद में आए हैं। आने वाले वक्त में अगर डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन का काम भी भिलाई-चरोदा निगम की तर्ज पर समूहों के हाथ में दे दिया जाता है। तब इस काम को करने वाले सफाई कर्मियों को भी मानदेय से ही गुजारा करना पड़ेगा। तब यह संख्या बढ़कर 1300 से अधिक हो जाएंगे।

निगम पहुंचे श्रमिक

नगरीय निकाय जनवादी सफाई कामगार यूनियन के अध्यक्ष कलादास डेहरिया ने बताया कि नगर निगम भिलाई में नियोजित प्लेसमेंट सफाई कामगारों ने निगम मुख्यालय में पहुंचकर आयुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें शिकायत दर्ज कराई गई है कि स्वस्थ विभाग में 7-8 साल से निगम भिलाई के कंपोस्ट सेंटर में कार्यरत सफाई कामगारों को जबरन स्व-सहायता समूह गठित कर मानदेय पर नियोजित किया जा रहा है। इससे कामगारों को मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा, स्वस्थ सुरक्षा इपीएफओ, इएसआईसी न्यूनतम वेतन, पेंशन, उपादान व श्रमिक नियमों के तहत मिलने वाली सुविधाओं से कामगार वंचित हो जाएंगे। इसका खामियाजा कामगारों को व उनके परिजनों को भुगतना पड़ सकता है।

रोक लगाने की मांग

इस पर रोक लगाने की मांग यूनियन ने आयुक्त से किया है। साथ यूनियन ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन विभाग ने पूरे नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायतों में प्लेसमेंट सफाई कामगार, स्वच्छता कमांडो, स्वसहायता समूह सफाई मित्र स्वच्छता दीदीयों की संख्या शासन ने निर्धारण कर रखें है। इसके तहत नगर निगम भिलाई को नगरीय प्रशासन विभाग से मार्गदर्शन प्राप्त कर स्वसहायता समूहों में कार्य कराने के लिए अतिरिक्त मानव बल की मांग शासन से किया जाना चाहिए। उन्होने बताया कि नगर निगम के स्वस्थ विभाग ने जबरन प्लेसमेंट सफाई कामगारों को स्व-सहायता समूह बनाकर मानदेय के रूप स्थापित कर शासन के दिशा-निर्देश का भारी उल्लंघन किया जा रहा है। इसको लेकर यूनियन गहरा आक्रोष व्यक्त करते हुए इसकी शिकायत नगरीय प्रशासन से करने व आंदोलन की चेतावनी भी दिया है।

शासन के नियमानुसार ही कर रहे काम

धर्मेंद्र मिश्रा, स्वास्थ्य प्रभारी, नगर निगम ने बताया कि भिलाई,शासन के नियमानुसार एसएलआरएम सेंटर में समूह के माध्यम से सफाई कामगारों को मानदेय पर काम में रखा जा रहा है। इस तरह की व्यवस्था दूसरे निकायों में भी है।

नियमानुसार की जाएगी जांच

संजय सिंह, सहायक श्रम आयुक्त, दुर्ग ने बताया कि नगर निगम, भिलाई के एसएलआरएम सेंटर में श्रमिकों को मानदेय दिया जा रहा है। इस मामले में शिकायत मिलने पर नियमानुसार जांच की जाएगी।

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