ति नगर इलाके के चंद्रनगर में 73 साल के बुजुर्ग हनुमान पिता रामनारायण पंडित को अचानक पैरालिसिस अटैक आ गया। परिजनों ने मिर्गी के उपचार के लिए देशी नुस्खे के बारे में सुन रखा था।
भिलाई. छत्तीसगढ़ ले भिलाई जिले के स्मृति नगर इलाके के चंद्रनगर में 'नीम हकीम खतरा ए जान' की कहवात चरितार्थ हो गयी। मिर्गी के एक मरीज को देशी इलाज के चक्कर में अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, स्मृति नगर इलाके के चंद्रनगर में 73 साल के बुजुर्ग हनुमान पिता रामनारायण पंडित को अचानक पैरालिसिस अटैक आ गया। परिजनों ने पैरालिसिस अटैक के उपचार के लिए देशी नुस्खे के बारे में सुन रखा था। नुस्खे को अपनाते हुए उन्होंने बुजुर्ग को केरोसिन पिला दिया।
जब उनकी तबियत और ज्यादा बिगड़ने लगी तो वो उन्हें आनन फानन में अस्पताल ले गए। जहां डाक्टरों ने उन्हें गंभीर अवस्था में एडमिट किया था और उपचार कर रहे थे लेकिन अगली सुबह उनकी मौत हो गयी।