Patrika Mahila Suraksha: भिलाई जिले में सूदखोर से परेशान एक महिला न्याय के लिए दर-दर भटक रही है। सूदखोर से 30 लाख रुपए जमीन बंधक रखकर तीन प्रतिशत ब्याज पर उधार लिया।
Patrika Mahila Suraksha: छत्तीसगढ़ के भिलाई जिले में सूदखोर से परेशान एक महिला न्याय के लिए दर-दर भटक रही है। नेताओं से लेकर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के चौखट तक कई बार जा चुकी है पर आज तक न्याय नहीं मिला। काफी मशक्कत करने पर दो साल बाद पुलिस ने सूदखोर के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध तो दर्ज किया पर आज सालभर बाद भी आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।
मामला पाटन क्षेत्र के ग्राम अचानकपुर का है। इस गांव की महिला निकहत हुसैन ने पैसे की जरूरत पडऩे पर सूदखोर से 30 लाख रुपए जमीन बंधक रखकर तीन प्रतिशत ब्याज पर उधार लिया। सूदखोर ने रजिस्ट्रार कार्यालय दुर्ग में बुलाकर वहां दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए।
इसके बाद ब्याज व प्रोसेसिंग फीस काटकर करीब 27 लाख रुपए ट्रांसफर किए। यहीं पर सूदखोर ने धोखा किया। जमीन को बंधक रखने के दस्तावेज की जगह रजिस्ट्री के दस्तावेज में हस्ताक्षर करवा लिए। मवेशी आदि बेचकर उधार की राशि चुकाने के बाद निकहत जमीन के कागजात मांगने गई तो सूदखोर ने जमीन के दस्तावेज वापस करने से मना कर दिया। उसने कहा जमीन वह अपने नाम कर चुका है। यह सुनकर निकहत हैरान रह गई।
निकहत ने इसकी शिकायत 20 जनवरी 2022 को उतई थाने में की। पुलिस ने आवेदन ले लिया पर शिकायत दर्ज नहीं की। इसके बाद वह थाने से लेकर अधिकारियों के दफ्तर का चक्कर लगाती रही। निकहत बताती है कि काफी मशक्कत के बाद 7 मार्च 2024 को पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 420 के तहत अपराध दर्ज किया। अब वह आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अधिकारियों से गुहार लगाती घूम रही है।
निकहत के मुताबिक खेत में ही कच्चा मकान बनाकर परिवार के साथ रह रहे थे। एक दिन रात को उसके खेत में आग लगा दी गई। डायल 112 में फोन करने पर एसडीओपी पाटन टीम के साथ आए। अगले दिन थाने में इसकी शिकायत करने गई तो पुलिस ने आवेदन तक नहीं लिया। इसके बाद निकहत के खेत जाने वाले मुख्य गेट को बंद कर दिया गया। इसकी शिकायत करने पर पुलिस ने ताला तोड़ा, तब कहीं वे अपने खेत में जा सके।