
दुर्ग . केंद्रीय कारागार दुर्ग में रविवार की अलसुबह जब कैदी सोकर भी नहीं उठे उससे पहले सैकड़ों पुलिस जवानों ने दस्तक दे दी थी। सोए हुए कैदियों को नींद से जगाकर एक-एक बैरक में दबशि दी गई। नींद से जागते ही कैदी कुछ समझ पाते इसके पहले ही बैरक की तलाशी पूरी हो गई थी। किसी भी बैरक घातक अस्त्र-शस्त्र नहीं मिले। इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी गई। तब अधिकारी सहित जवानों ने भी राहक की सांस ली।
यह थे मौजूद
बता दें कि जिला और पुलिस प्रशासन द्वारा केंद्रीय कारागार का औचक निरीक्षण किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह के साथ प्रशासन की ओर से एसडीएम कैलाश वर्मा भी उपस्थित थे। वहीं पुलिस अधिकारियों में नगर पुलिस अधीक्षक दुर्ग भोजराम पटेल ,त्रिलोक बंसल (दोनों प्रशिक्षु आईपीएस) नगर पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र सतपथी, अजीत यादव, जिला विशेष शाखा के उप पुलिस अधीक्षक आदित्य शर्मा के साथ साथ थाना दुर्ग, मोहन नगर, भिलाई नगर, नेवई, जामुल के प्रभारी निरीक्षक सहित लगभग 100 की संख्या में सिपाही व हवलदार मौजूद थे।
किसी प्रकार की कोई शिकवा शिकायत नहीं
पुलिस अधिकारियों ने जेल पहुंचकर जेल प्रशासन को निरीक्षण का मकसद बताकर जेल अधीक्षक क्षत्रिय तथा उनके अन्य सहायकों को साथ लेकर जेल में दाखिल हुए. एक एक बैरक को चेक कर बंदियों से उनका हालचाल पूछकर उनसे जानकारी ली गई। किसी के द्वारा भी किसी प्रकार की कोई शिकवा शिकायत नहीं की गई। खान-पान रहन-सहन चिकित्सकीय सुविधा के बारे में पूछने पर सभी सुविधा समय पर तथा उचित ढंग से मिलने की जानकारी दी। जेल परिसर की साफ -सफाई और उचित रख-रखाव व व्यवस्था को देख निरीक्षणकर्ता अधिकारियों ने संतुष्टि जाहिर की।
पुलिस की नियमित कार्यवाही का हिस्सा
इस संबंध में औचक निरीक्षण का कारण पूछने पर एएसपी ने बताया कि यह प्रशासन तथा पुलिस की नियमित कार्यवाही का हिस्सा है। इससे जेल और जिला प्रशासन के बीच संबंध में सुधार के साथ-साथ वहां की व्यवस्था में भी कसावट आती है। जेल एक अति संवेदनशील जगह मन जाती है जिसकी सुरक्षा भी मजबूत तथा सुदृढ़ होती है। इसी सुरक्षा व्यवस्था को देखने तथा उसमें पाई गई खामियों में सुधार लाने के लिए यह निरीक्षण एक आवश्यक कदम के तहत किया गया। निरीक्षण में कहीं पर भी कोई खामी, लापरवाही या गफलत नहीं पाया गया। इसी तरह किसी प्रकार की कोई आपत्तिजनक वस्तु कारागार के भीतर नहीं पाई गई।
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