छत्तीसगढ़ श्रीराम भगवान का ननिहाल है। ऐसे में अयोध्या में तैयार हुए भव्य श्रीराम मंदिर में छत्तीसगढ़ की भागीदारी तय थी। श्रीराम मंदिर की मजबूती के लिए भिलाई इस्पात संयंत्र से 1100 टन सरिया की आपूर्ति की गई है। वहीं सेल करीब 3500 टन सरिया की आपूर्ति किए हैं। अयोध्या मंदिर के स्ट्रक्चर से लेकर बुनियाद तक में सेल-बीएसपी के मजबूत इस्पात से बने सरिया का इस्तेमाल किया गया है।
एक अरब लोगों की जुड़ी है आस्था
छत्तीसगढ़ वासियों के लिए यह गर्व का विषय है, कि जिस राम मंदिर से देश के एक अरब से अधिक लोगों की आस्था जुड़ी है। वहां मंदिर के निर्माण काम में सेल-बीएसपी के स्टील का उपयोग किया गया है।
भूकंप का भी नहीं पड़ेगा असर
उत्तरप्रदेश के अयोध्या में बनाए गए श्रीराम मंदिर को खास मजबूती के लिए विशेष तरह के स्टील का इस्तेमाल किया गया है। इसके लिए भिलाई इस्पात संयंत्र से भूकंपरोधी सरिया तैयार किया गया है। 1100 टन सरिया की आपूर्ति की जा चुकी है। इसमें 550 डी ग्रेड के 12 मिमी व्यास वाले करीब 120 टन टीएमटी बार और मर्चेंट मिल में उत्पादित समान ग्रेड वाले 32 मिमी व्यास के करीब 65 टन टीएमटी बार शामिल हैं।
सेल के तमाम संयंत्रों ने किया आपूर्ति
राम मंदिर परियोजना के लिए स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) की तमाम इकाइयों ने मिलकर अब तक लगभग 3500 टन सरिया की आपूर्ति की है। बीएसपी की मोडेक्स इकाई, बार एंड रॉड मिल में इसका उत्पादन किया गया है। स्थाई यांत्रिक गुणों और आईएस-1786 मानदंडों के मुताबिक उत्पादित अच्छी वेल्डेबिलिटी के उत्पाद हैं। इसे कम प्रयास से मोड़ा जा सकता है। इससे ऑन साइड कार्य सजग हो जाता है। यह सरिया लंबे समय तक कांक्रीक कवर की रक्षा करती है।
यहां भी हुआ है उपयोग
सेल-बीएसपी का सरिया का उपयोग परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं, पुलों, राजमार्गों, फ्लाईओवरों, सुरंगों बांधों, थर्मल, ऊंची इमारतों, बांद्रा वर्ली सी-लिंक ब्रिज, सरदार वल्लभभाई पटेल की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, आगरा एक्सप्रेस-वे में उपयोग किया जा चुका है।