महिला कांस्टेबल आरती कुंजाम का बेरहमी से हत्याकर साक्ष्य छुपाने उसके हाथ-पैर और सिर को काटकर नदी में फेंकने वाला कोई और नहीं बल्कि उसी थाने में पदस्थ पुलिस सब इंस्पेक्टर डीपी नापित ही था।
राजनांदगांव. जिले का बहुचर्चित अंधेकत्ल की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। महिला कांस्टेबल आरती कुंजाम का बेरहमी से हत्याकर साक्ष्य छुपाने उसके हाथ-पैर और सिर को काटकर नदी में फेंकने वाला कोई और नहीं बल्कि उसी थाने में पदस्थ पुलिस सब इंस्पेक्टर डीपी नापित ही था। आरोपी का महिला कांस्टेबल से अवैध संबंध था। महिला आरक्षक की ब्लेकमेलिंग एवं उनसे पीछा छुडाने आरोपी ने इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपी सब इंस्पेक्टर के खिलाफ हत्या का अपराध कायम कर हिरासत में ले लिया है।
मीडिया के सामने किया खुलासा
महिला कांस्टेबल आरती कुंजाम हत्याकांड का पूरा खुलासा राजनांदगांव पुलिस ने शनिवार को किया। इस मामले में प्रेसवार्ता में एएसपी तारकेश्वर पटेल ने बताया कि महिला आरक्षक, एसडीओपी योगेश साहू की रीडर आरती कुंजाम की हत्या 20 अगस्त कि आधी रात को ही अंबागढ़ चौकी थाने के सब इंस्पेक्टर डीपी नापित के द्वारा कर दी गई थी। हत्या का मूल कारण दोनों के बीच अवैध प्रे्रम संबंध था।
पहले गला दबाकर मारा फिर कुल्हाड़ी से काटे हाथ-पांव
मिली जानकारी के अनुसार एसआई नामित ने आरक्षक की हत्या अंबागढ़ चौकी के आउटर एनीकट के करीब की थी। सब इंस्पेक्टर ने पहले आरती की गला दबाकर हत्या की। उसके बाद कुल्हाड़ी से हाथ और पैर काटकर नदी में फेंक दिया। इशके बाद भी मन नहीं भरा तो उसके सिर को भी काटकर बहती नदी में फेंक दिया।
कार में ले गया था आरती को
प्रेम संबंध और ब्लैकमेलिंग के इस खौफनाक वारदात में एसआई ने अपनी कार का उपयोग किया था। कार से ही पुलिस ने धारदार हथियार बरामद कर लिया है। सब इंस्पेक्टर ने कुल्हाड़ी से हाथ पैर सिर अलग कर डोंगरगांव के बगदई अंबागढ़ चौकी के शिवनाथ नदी में शरीर के अंग और लाश ठिकाने लगा दिया था।
बड़ी बेरहमी से उतारा था मौत के घाट
बता दें कि 23 अगस्त को बागदई नदी में एक अज्ञात महिला की सिर व हाथ-पैर कटी नग्न अवस्था में लाश तैरते हुए मिली थी। पुलिस मर्ग कायम कर विवेचना में जुट हुई थी। शव की पहचान अंबागढ़ चौकी थाना में पदस्थ आरक्षक आरती कुंजाम पिता शिवबालक के रुप में हुई। आरक्षक की हत्या बड़ी बेरहमी से सिर व हाथ -पैर को काट कर की गई है। पुलिस अपने ही विभाग के महिला आरक्षक के हत्या के मामले में उलझ कर रह गई थी।
कब्र से निकाली गई थी लाश
नदी में तैरते हुए लाश को पुलिस ने लावारिस समझकर दफना दिया था। जैसे ही आरती के परिजनों ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई तो पुलिस का शव आरक्षक का होने का संदेह हुआ। उसी आधार पर पुलिस ले फिर से कब्र खुदवाया। पिता ने बताया कि उनकी बेटी के हाथ और पैर में रॉड लगा हुआ था। जांच में रॉड मिलने के बाद ही पुष्टि हुई की नग्न, सिर कटी लाश उनकी बेटी आरक्षक आरती कुंजाम की है।