निर्माणों में क्वॅालिटी को लेकर खिलवाड़ का बड़ा सच सामने आया है। शनिवार को मामूली बारिश भी नहीं झेल पाई और 100 मीटर से ज्यादा लंबी दीवार ढई गई।
दुर्ग . नगर निगम के निर्माणों में क्वॅालिटी को लेकर खिलवाड़ का बड़ा सच सामने आया है। पटरीपार के उरला में 25 लाख से बन रही नाली महीनेभर पहले निर्माण के दौरान धंस गई थी। तब अफसरों ने मुरुम फिलिंग कर पर्दा डाल लिया था, लेकिन शनिवार को मामूली बारिश ने इसकी पोल खोलकर रख दी। नाली की दीवार पहली बारिश भी नहीं झेल पाई और 100 मीटर से ज्यादा लंबी दीवार ढई गई।
पटरीपार क्षेत्र के उरला में साईं नगर से सिकोला जाने वाली नाली
पटरीपार क्षेत्र के उरला में साईं नगर से सिकोला जाने वाली नहर-नाली मार्ग पर करीब 700 मीटर निकासी नाली 25 लाख से बनवाई गई। करीब पखवाड़ेभर पहले ही नाली का निर्माण पूरा हुआ है। जानकारी के मुताबिक शनिवार को सुबह बारिश का पानी जैसे ही नाली में पहुंचा, दीवार का 100 मीटर से ज्यादा हिस्सा भरभराकर ढह गई। सड़क की ओर की दीवार नाली के भीतर गिर गई।
अप्रैल में 50 मीटर धंस गई थी दीवार
इससे पहले अप्रैल के अंत में निर्माण के दौरान ही इसी नाली की 50 मीटर से ज्यादा लंबी दीवार धंसकर गिर गईथी।यह जगह मौजूदा स्थल से बमुश्किल 100 मीटर की दूरी पर है। तब अफसरों ने मुरुम फिलिंग के दौरान बैक-हो-लोडर से दीवार गिरने का हवाला देकर गुणवत्ता पर पर्दा डाल गिया था।
शिकायत पर पहुंचे विधायक-सभापति
नाली टूटने के सूचना पर शनिवार को सुबह विधायक अरुणवोरा ने निगम सभापति राजकुमार नारायणी, नेता प्रतिपक्ष लिखन साहू, पार्षद आरएन वर्मा, लूमन पटेल, लीलाधर पाल और जमुना साहू के साथमौका मुआयना किया। निरीक्षण के बाद विधायक व कांग्रेस नेताओं ने भी क्वालिटी पर सवाल खड़ा किए।
सोमवार को निगम के गेट पर धरना
विधायक अरुण वोरा व कांग्रेस नेताओं ने इसी मामले में सोमवार को निगम कार्यालय के गेट पर विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। कांग्रेस नेता धरना प्रदर्शन के माध्यम से नाली के साथ दूसरे निर्माण कार्यों की स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग करेंगे। धरना प्रदर्शन के बाद इस संबंध में कलक्टर को ज्ञापन सौंपने की बात कही है।
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