गणेश चतुर्थी की पूजा में भूलकर भी तुलसी दल या केतकी के फूल का प्रयोग नहीं करना चाहिए। गणपति की पूजा में बासी या मुरझाए हुए फूल भी नहीं चढ़ाना चाहिए।
भिलाई. गणेश चतुर्थी प्रारंभ होते ही चारों ओर बप्पा मोरिया की गूंज है। आजकल पंडालों के अलावा घरों में भी लोग तन-मन से गणपति बप्पा की पूजा, अराधना में जुटे हुए हैं। ऐसे में हम आपके लिए कुछ ऐसी जानकारी लेकर आए हैं जो घर के बड़े बुजुर्ग और पंडित अक्सर लोगों को बताते हैं। गणेश चतुर्थी के 11 दिनों के बीच कुछ ऐसे काम हैं जिन्हें वे करने से मना करते हैं। इन बातों का वैज्ञानिक आधार तो नहीं है लेकिन धार्मिक महत्व बहुत ज्यादा है। गणेश चतुर्थी पर अपने घर में भूलकर भी गणपति की आधी-अधूरी बनी या फिर खंडित मूर्ति की स्थापना या पूजा नहीं करना चाहिए। गणेश चतुर्थी की पूजा में भूलकर भी तुलसी दल या केतकी के फूल का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
गणेश चतुर्थी तिथि पर न करें ये काम
गणेश चतुर्थी के दिन व्रत एवं पूजन करने वाले व्यक्ति को तन-मन से पवित्र रहते हुए ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।
गणेश चतुर्थी के दिन गणपति को चढ़ाए हुए प्रसाद एवं फलाहार का सेवन करना चाहिए। गणपति की पूजा का पूरा फल पाने के लिए गणेश चतुर्थी पर भूलकर भी तामसिक चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।
गणेश चतुर्थी पर अपने घर में भूलकर भी गणपति की आधी-अधूरी बनी या फिर खंडित मूर्ति की स्थापना या पूजा नहीं करना चाहिए।
गणेश चतुर्थी की पूजा में भूलकर भी तुलसी दल या केतकी के फूल का प्रयोग नहीं करना चाहिए। गणपति की पूजा में बासी या मुरझाए हुए फूल भी नहीं चढ़ाना चाहिए।
गणेश चतुर्थी तिथि पर जरूर करें ये 5 काम
गणपति को लाल रंग बहुत ज्यादा प्रिय है, इसलिए लाल रंग के वस्त्र पहनकर पूजा करनी चाहिए।
गणपति की पूजा में लाल रंग के पुष्प, फल, और लाल चंदन का प्रयोग करना चाहिए।
जीवन में आ रही बाधाओं को दूर और मनचाहा वरदान पाने के लिए गणपति की पूजा में आप दूर्वा जरूर चढ़ाएं।
यदि आप गणेश चतुर्थी पर अपने घर में गणपति बिठाए हैं तो उनकी समय पर पूजा एवं आरती करें। इसी प्रकार गणपति को दिन में 3 बार भोग लगाएं।
गणपति की पूजा का शीघ्र फल पाने के लिए उनका प्रिय भोग मोदक और मोतीचूर का लड्डू और केला फल जरूर चढ़ाएं।