भिलाई

शहीद सप्ताह मनाने नक्सलियों को बैनर देने जा रहे तीन युवक आईटीबीपी के हत्थे चढ़े

नक्सलियों के शहीद सप्ताह के लिए बैनर तैयार कर ले जा रहे तीन युवाओं को आईटीबीपी की टीम ने गुरुवार रात 9 बजे पकड़ा। राजनांदगांव के पानाबरस एरिया के पीपरखेड़ी और कंडारी के बीच पकड़े गए।
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Updated: 27 Jul 2018, 3:50 PM IST
Bhilai patrika
शहीद सप्ताह मनाने नक्सलियों को बैनर देने जा रहे तीन युवक आईटीबीपी के हत्थे चढ़े

भिलाई. नक्सलियों के शहीद सप्ताह के लिए बैनर तैयार कर ले जा रहे तीन युवाओं को आईटीबीपी की टीम ने गुरुवार रात 9 बजे पकड़ा। राजनांदगांव के पानाबरस एरिया के पीपरखेड़ी और कंडारी के बीच पकड़े गए यह तीन युवक बाइक से नक्सलियों को बैनर पहुंचाने जा रहे थे। आईटीबीपी के असिस्टेंट कमांडेंट सुनील कुमार और उनकी टीम को देख तीनों हड़बड़ा गए तभी टीम ने उन्हें रोककर तलाशी ली। जिसमें एक बैनर निकला जो नक्सलियों के शहीद सप्ताह के लिए बनवाया था। इन तीनों ने कबूल किया कि नक्सलियों के लिए बैनर लेकर जा रहे थे। इससे पहले भी आईटीबीपी के जवानों ने नक्सलियों की मदद करने वाले समर्थकों को धर दबोचा है।

हमारी टीम मुस्तैद
सेक्टर हेडक्वाटर्र के द्वितीय कमान अधिकारी सैय्यद जावेद अली ने बताया कि आईटीबीपी की टीम 24 घंटे मुस्तैद है। जिसकी वजह से माओवादियों को मदद पहुंचाने वालों पर भी नजर रखे हुएहैं। इसके अच्छे परिणाम भी आ रहे हैं। गुरुवार रात जिन तीन युवको को पकड़ा है। वे तीनों जंगलाटोला गांव के हैं। जिसमे 25 वर्षीय शिवराज मंडावी, 20 वर्षीय धर्मेश कुमार और 20 साल का दुकलाल सलामे शामिल है। इन तीनों को स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया है।

ऑपरेशन का असर
बारिश में भी नक्सलियों के खिलाफ आईटीबीपी सहित जिला पुलिस का ऑपरेशन जारी रहने की वजह से नक्सलियों में दहशत है। सुरक्षा बलो की लगातार सर्चिग से नक्सलियों को लगातार नुकसान भी हो रहा है। जिससे वे बौखलाएं हुए हैं। इससे पहले भी राजनांदगांव जिले में नक्सलियों की मदद करने वाले कईसमर्थकों को आईटीबीपी ने पकड़ा है।

नक्सली मना रहे शहीद सप्ताह
नक्सली 28 जुलाई से 3 अगस्त तक शहीद सप्ताह मना रहे हैं। जिसमें वे अपने साथियों को श्रद्धांजलि देंगे। इसलिए नक्सली अलग-अलग क्षेत्र में बैनर लगा रहे हैं। इस दौरान वे मुठभेड़ में मारे गए साथियों को याद करेंगे। इस दौरान वे गांव-गांव जाकर सभा कर ग्रामीणो को अपनी विचारधारा से जोडऩे की कोशिशभी करते हैं। साथ ही माओवादी कई क्षेत्रों में बंद का भी एलान करते हैं। ताकि लोगों में उनकी दशहत बनी रहे।

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