लीज संघर्ष कमेटी को केबिनेट मंत्री पाण्डेय ने आड़े हाथों लिया है। उन्होंने हर सप्ताह होने वाली बैठक पर भी सवाल खड़ा किए हैं।
भिलाई. चुनावी वर्ष के दौरान सेक्टर-4 में विकास कार्यों का भूमिपूजन करने केबिनेट मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय पहुंचे। यहां कुछ महिलाओं ने मंत्री से छठवें चरण के लीज लागू कराने पहल करने मांग की। इस पर मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि जो चीज मुमकिन ही नहीं है, उसके लिए झूठा आश्वासन नहीं दे सकता। हाउस लीज एक ऐसा मुद्दा बन चुका है, जो कि बहुत ज्यादा मुश्किल है।
झूठा आश्वासन किसी को नहीं देते
उन्होंने कहा कि वे खुद भी इंतजार कर रहे हैं कि कब लीज आएगा और कौन- कब और कैसे लाएगा। लीज को लेकर कुछ लोग अन्य लोगों को गुमराह करते आ रहे हैं, कि मंत्री लीज का विरोधी हैं। मंत्री ने कहा कि साफ करना चाहते हैं कि वे इसके विरोधी नहीं हैं, बल्कि इसके पीछे की सच्चाई को बेहतर रूप से जानते हैं, इस वजह से झूठा आश्वासन किसी को नहीं देते।
हस्ताक्षर करवा लेने से लीज नहीं आ जाएगा
उन्होंने कहा कि केवल फोटो खींचाने और हस्ताक्षर करा लेने से छठवें चरण का लीज नहीं आ जाएगा। इस लिए बैठक कर के लोगों को गुमराह न करें और लोग भी किसी के बहकावे में न आवें। लीज आना चाहिए और लोगों को इसका फायदा मिलना चाहिए, लेकिन इसके पहले सभी को यह जानना भी जरूरी है कि जब तक यह मामले में किसी भी प्रकार हलचल नहीं होती, तब तक इस पर कार्य नहीं किया जा सकता। लोगों से कहना चाहता हूं कि किसी के बहकावे और झूठे आश्वासन में आकर खुद का नुकसान न करें।
सत्य हमेशा कड़वा होता है
उन्होंने लोगों को डायबिटीज के मरीज का उदाहरण देते हुए कहा कि घर में किसी महिला को डायबिटीज कि शिकायत हो और उसकी दो बहुओं में से एक उसे करेले का जूस दे और दूसरी उसे मीठा खाने को दे, तो उस सास को दूसरी बहु ही पसंद आती है, जो उसे मीठा खिलाती है। भले ही वह उसके लिए हानिकारक क्यों न हो। इसी तरह यहां भी गुमराह करने वाले लोग भिलाईवासियों को झूठा आश्वासन दे रहे हैं और सभी उनकी मीठी बातों में आकर अपनी भावनाओं को ठेस पहुंचा रहे हैं। यह विषय कोमा में है और इसका इलाज बड़े से बड़ा डॉक्टर भी नहीं कर सकता।
मंत्री ने जसवंत सिंह पर किया तंज
उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि देश के पूर्व रक्षामंत्री जसवंत सिंह भी पिछले कई महीनों से कोमा में बड़े अस्पताल में है, लेकिन वहां देश विदेश के बड़े डॉक्टर भी उनका कोई इलाज नहीं कर सकते, क्योंकि उनमें कोई हलचल नहीं है। यह मामला कोमा में है और इस पर झूठ बोलकर हजारों परिवारों को झूठी आस नहीं देना चाहता। यह भी जानता हूं, वह मरीज जिसमें किसी भी प्रकार की हलचल नहीं है उसका इलाज किया जाना संभव नहीं है। लीज की फाइल में उसी तरह कोई हलचल नहीं है, जिस तरह कोमा में पड़े मरीज में नहीं होती।
राजनीतिक रूप दे रहे हैं लीज को
उन्होंने कहा कि जो लोग लीज का झूठा आश्वासन दे रहे हैं, उनकी भी सरकार दिल्ली में थी, उनके भी यूनियन प्रमुख भिलाई आते-जाते रहे, लेकिन किसी ने इस आश्वासन पर कोई पहल नहीं की। वे सब भी जानते हैं यह कार्य पूरा नहीं हो सकता। यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जी संजीवा रेड्डी जो खुद केंद्र में उनकी सरकार के बहुत करीबी रहे, उन्होंने भी भिलाईवासियों को साफ कहा कि लीज नहीं आ सकती फिर भी लोग लीज का मुद्दा बार- बार उठाकर इसे राजनीतिक रूप दे रहे हैं और लोगों की भावनाओं के साथ खेल रहे हैं। सत्य को स्वीकार करो नहीं तो नुकसान ही भुगतना होगा।
पार्षद बनकर लाते क्या लीज
मंत्री ने उन लोगों को चुनौती दे डाली जो लीज दिलाने के नाम पर निकाय चुनाव में हिस्सा ले रहे थे। क्या पार्षद बन जाने से लीज आ जाएगी या लोगों के घर- घर जाकर वोट मांगने से लीज आएगी। लोगों को गुमराह करने की बजाय खुली बहस करने सामने आ जाओ, इसके लिए तैयार हूं। रविवार को बैठक करके बड़े- बड़े वादे करने की बजाय सामना करो। जो खुद के आशियाने में रहते हैं और इनका मूल उद्देश्य केवल और केवल अपनी राजनीति है और यह भी दूसरों के इशारे पर सभी की भावनाओं का शोषण कर रहे हैं।