महापौर के वार्ड से लगे क्षेत्र के लोगों को जान जोखिम में भरकर दिन में तीन बार ट्रेन की पटरी पार कर दूसरी ओर पानी भरने के लिए जाना पड़ता है।
राजनांदगांव. महापौर मधुसूदन यादव के गृह वार्ड से लगे इलाके के लोग बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। इस क्षेत्र के लोगों को जान जोखिम में भरकर दिन में तीन बार ट्रेन की पटरी पार कर दूसरी ओर पानी भरने के लिए जाना पड़ता है। वार्ड नंबर तीन मोतीपुर के कुछ इलाकों के लोगों की हर गर्मी में यही सबसे बड़ी समस्या है।
पानी के लिए जान जोखिम में
मोतीपुर वार्ड नंबर तीन के निवासियों के लिए गर्मी का मौसम बेहद दुखदायी होता है। वार्ड के रविदास मोहल्ला, गांधी चौक और भाटापारा इलाके में लोगों को गर्मी के मौसम में पानी के लिए जान जोखिम में डालना पड़ता है। इस क्षेत्र के लोगों को अपने मोहल्ले से चलकर ममतानगर की ओर पानी लेने आना पड़ता है। इनके निवास और ममतानगर के बीच रेलवे की पटरी है। ट्रेनों की आवाजाही के बीच महिलाएं बाल्टी और सिर में गुुंडी लेकर पानी के लिए पटरी पार करती हैं।
दिन में तीन बार उठाती हैं जोखिम
महिलाओं को दिन में तीन बार जोखिम उठाना पड़ता है। सुबह साढ़े छह बजे, दोपहर साढ़े १२ बजे और फिर रात के साढ़े ८ बजे के आसपास ममतानगर इलाके में नल के खुलने का वक्त है। इस वक्त महिलाएं अपने घरों से निकलकर पटरी पार कर दूसरी ओर जाकर पानी भरती हैं।
मजबूरी... मोतीपुर क्षेत्र की महिलाएं जोखिम उठाकर पटरी पार कर दूसरी ओर पानी भरने जाती हैं। गर्मी के मौसम में हर साल की यही कहानी होती है। निगम का अमला और पार्षद औपचारिकता का निर्वहन भर करते हैं।
पाइप लाइन है, नल है, पर पानी नहीं
इस इलाके में नगर निगम का पाइप लाइन बिछा हुआ है। नल के कनेक्शन भी लगे हुए हैं लेकिन इन इलाकों में नलों में पानी नहीं आता। नगर निगम की ओर से टैंकर भेजा जाता है लेकिन आबादी के हिसाब से यह अपर्याप्त है, इस वजह से लोगों को पानी के लिए इस तरह की जोखिम का सामना करना पड़ता है।
समस्या जैसी कोई बात नहीं
पार्षद धीरज घोड़ेसवार ने बताया कि अभी दो चार दिनों से समस्या है। इस सप्ताह समस्या का निदान हो जाने की उम्मीद है। पानी की समस्या जैसी कोई बात नहीं है। टैंकर से पानी की आपूर्ति की जाती है।