White Tiger In Bhilai: व्हाइट टाइगर सफारी में 3 सफेद बाघ भिलाई के मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी में 3 सफेद बाघ हैं। यह भिलाई से ही दिए गए हैं।
White Tiger In Bhilai: देश में सबसे अधिक व्हाइट टाइगर वाले जू में मैत्रीबाग भी शामिल है। यहां पांच नर व तीन मादा समेत आठ व्हाइट टाइगर हैं। देश में सबसे अधिक व्हाइट टाइगर सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान पश्चिम बंगाल, नंदन कानन जू, भुवनेश्वर ओडिशा में है।
भारत में राजसी सफेद बाघों की संख्या कम है। यह जंगल में बहुत दुर्लभ है। इस वजह से मैत्रीबाग प्रबंधन इन बाघों का कुनबा बढ़ाने में खासा एहतियात बरतता है। भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन इनके देखरेख और खुराक में मोटी रकम खर्च करता है।
पुणे जू में सफेद बाघ लक्ष्मी (मादा) है। मैत्रीबाग प्रबंधन वहां अब सफेद बाघ (नर) भेजने की तैयारी कर रहा है। इससे वहां व्हाइट टाइगर का कुनबा बढ़ सके। इसके बदले वहां से तेंदुआ का जोड़ा लाया जाएगा। मैत्रीबाग में तेंदुआ को रखने एक केज तैयार किया जा रहा है।
देश के 6 जू में अब तक मैत्रीबाग ने सफेद बाघ दिया है। जिसमें राजकोट जू , लखनऊ जू , इंदौर जू , रीवा जू , रीवा के मुकुंदपुर जू और जंगल सफारी को सफेद बाघिन दिया गया। इस तरह 15 सफेद बाघ एक्सचेंज के दौरान दिया जा चुका है।
व्हाइट टाइगर सफारी में 3 सफेद बाघ भिलाई के मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी में 3 सफेद बाघ हैं। यह भिलाई से ही दिए गए हैं। इसमें मैत्रीबाग के केज को तोड़कर बाहर आने वाली सोनम और गोपी के जोड़े को 2018 में रीवा के मुकुंदपुर जू भेजा गया था।
मैत्रीबाग में 28 साल पहले भुवनेश्वर (ओडिशा) के नंदन कानन जू से तापसी व तरुण को लाया गया था। 1998 में इस जोड़े ने पहली बार दो शावकों को जन्म दिया। (Chhattisgarh News) तापसी और तरुण के शावकों को बोकारो, चिडिय़ाघर भेजा गया था। आज उनकी सातवीं पीढ़ी पर्यटकों को अपने ओर आकर्षित कर रही है। इनके सबसे छोटे सदस्य (शावक) बॉबी, राणा, रुस्तम हैं।
White Tiger In Bhilai: भिलाई स्टील प्लांट, प्रभारी मैत्रीबाग, डॉ. एनके जैन ने बताया कि मैत्रीबाग ने अब तक आधा दर्जन से अधिक जू को व्हाइट टाइगर एक्सचेंज में दिया है। वर्तमान में हमारे यहां 5 नर और 3 मादा व्हाइट टाइगर हैं। व्हाइट टाइगर समेत मैत्रीबाग के तमाम वन्य प्राणियों को यहां खास ध्यान रखा जाता है। मैत्रीबाग जू देश के सबसे अधिक व्हाइट टाइगर वाले जू में शामिल है।