अगर आप सोच रहे हैं कि बाहरी स्टूडेंट्स ऑल इंडिया लेवल की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने भिलाई नहीं आते तो आप गलत हैं।
भिलाई . भिलाई को एजुकेशन हब की पहचान यूं ही नहीं मिली। आईआईटी से लेकर आईआईएम की प्रवेश परीक्षाओं में हर साल हमने सैकड़ों चयन दिए हैं। आईआईटी में तो हमारे शहर का नाम टॉप-100 सलेक्शन में शुमार रहा है। एआईपीएमटी में पिछले साल जहां शहर के होनहारों ने रिकॉर्ड तोड़ ऑल इंडिया रैंक हासिल किए तो वहीं, हाल ही में आए गेट के रिजल्ट में टॉप रैंकर्स भी अपने शहर से ही है।
अब जरा ध्यान दीजिए....। इस मुकाम को हासिल करने स्टूडेंट्स ने कोटा राजस्थान जाकर तैयारी नहीं की, बल्कि भिलाई में ही रहकर अपना दमखम दिखाया है। हमारे कोचिंग संस्थानों ने उन्हें इस तरह तराशा की वें देशभर में छा गए। एजुकेशन के क्षेत्र में भिलाई की उपलब्धियों की जानकारी आपको भी है, लेकिन इस्तेहारों और माऊथ पब्लिसिटी में फेर में आप अपने लाडले को कोटा भेज रहे हैं, ऐसा क्यों?
शायद, आपका निर्णय बदल जाए
हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक सामने आया कि साल 2011 में कोटा आने वाले स्टूडेंट्स की संख्या लगभग 17 हजार थी, जो 2014 में बढ़कर ३८ हजार तक पहुंची। जाहिर है, आंकड़ा बढ़ा लेकिन रिजल्ट नहीं। ऐसा ही 2015 में भी हुआ करीब ४३ हजार स्टूडेंट्स आईआईटी समेत कई प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोटा पहुंचे। इसके बाद 2016-17 में यह संख्या और भी बढ़ गई।
अब ध्यान दीजिए... इतनी संख्या में से सिर्फ १० फीसदी ने ही सफलता पाई, जबकि बाकी बचे स्टूडेंट्स बिलो एवरेज रह गए। रिपोर्ट में बताया गया है कि ये दस फीसदी स्टूडेंट्स सीबीएसई व अपने स्कूल एजुकेशन बोर्ड के टॉपर्स थे, जिन्होंने कोचिंग से सिर्फ एग्जाम ट्रिक ली बाकी पूरा कमाल सेल्फ स्टडी के बलबूते कर दिखाया। यहां हम आपको सिर्फ इतना समझाना चाहते हैं कि यदि आपका लाडला होनहार है उसे भिलाई के संस्थान भी काबिल बनाने का हुनर रखते हैं, तो उन्हें कोटा क्यों भेजना।
आपकी हां... से बढ़ेगा एजुकेश फील्ड में भिलाई का कद
एजुकेशन फील्ड के जानकारों ने आपके लिए एक मैसेज दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि आप अपने लाडले को भिलाई में ही पढ़ाते हैं तो इससे शहर के कद में चार-चांद लग जाएंगे। शहर में रिवैन्यु जनरेट होगा, जिससे रोजगार के कई मौके खुलेंगे। अब भिलाई को आईआईटी भी मिल चुका है, जिससे आने वाले समय में हम कोटा को पीछे छोड़ देंगे। यह सब आपकी हां... से होगा। कोशिश करें कि एक बार भिलाई के रिजल्ट्स को परखें, सिर्फ दूसरों के कहने और सुनने मात्र से ही यह निर्णय न लें कि भिलाई बेहतर है या कोटा।
सबसे जरूरी बात जो आपको जाननी चाहिए...
अगर आप सोच रहे हैं कि बाहरी स्टूडेंट्स ऑल इंडिया लेवल की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने भिलाई नहीं आते तो आप गलत हैं। ऐसा बिलकुल नहीं है। हाल में गेट, सीए जैसी परीक्षाओं में शीर्ष पर रहे स्टूडेंट्स में से दर्जनों दूसरे राज्यों के हैं। मेडिकल और आईआईटी की तैयारी कर रहे शहर के संस्थानों में लगभग दौ सौ से ज्यादा स्टूडेंट्स गोवा, नागपुर, मध्यप्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों से आए हैं।
समझिए क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट...
सचदेवा न्यू पीटी कॉलेज के डायरेक्टर चिरंजीव जैन का कहना है कि भिलाई एजुकेशन हब यूं ही नहीं बना है। देश के शीर्ष प्रवेश परीक्षाओं में अपने शहर के कोचिंग संस्थानों ने आला रिजल्ट दिया है। कोटा जैसी शिक्षा अब भिलाई में भी दी जाती है।