पशुपालक ने दर्ज कराया मामला
पारोली।
आसोप गांव में पेट में कीड़े मारने की दवा से बिगड़ी हालत से दजर्नभर बकरियों की मौत हो गई। पशु पालक ने पारोली थाने में मामला दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। एक साथ 11 बकरियों की मौत पर किसान परिवार को रो—रोकर बुरा हाल है। उपखंड अधिकारी के निर्देश पर पटवारी ने मौके पर पहुंच मौका पर्चा बनाया। वहीं सरपंच सहित ग्रामीणों ने पशु पालक के घर पहुंच सांत्वना दी।
जानकारी के अनुसार आसोप निवासी पशुपालक बद्री पुत्र धन्ना बलाई ने सोमवार सुबह बकरियों को पेट में कीड़े मारने की दवा पिलाई। दवा पिलाने के कुछ देर बाद एक एक करके 11 बकरियों की मौत हो गई। आंखों के सामने बकरियों को तड़फते मिमियाते देख बद्री बेसुध हो गया। इस पर सामाजिक कार्यकर्ता महिपाल गुर्जर ने घटना के बारे में पारोली थाना पुलिस को अवगत करवाया। सूचना पर पारोली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और बकरियों के मौत के बारे में जानकारी ली।
एक साथ दर्जनभर बकरियों की मौत पर सरपंच सुरेखा जाट, सामाजिक कार्यकर्ता महिपाल गुर्जर, नरपत सिंह राजपूत सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पशुपालक के घर पहुंचकर सांत्वना दी। उपखंड अधिकारी के निर्देश पर मौके पर पटवारी कालूलाल सेन ने मौका पर्चा बनाया तथा मौके पर पशु चिकित्सकों की टीम बुलवाकर मृत बकरियों का पोस्टमार्टम करवाया। पशुपालक धन्नालाल बलाई ने इस बारे में पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया है, जिसमें पेट में कीड़े मारने की दवा से बकरियों को मौत होना बताया है। इस बारे में पुलिस का कहना है कि मृत बकरियों का विसरा लिया है जिसे जांच के लिए आगे भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो पाएगा।