भवन निर्माण मिस्त्री, पेंटर, प्लंबर कारपेंटर, मार्बल कारीगर और इलेक्ट्रीशियन होंगे लाभान्वित
भीलवाड़ा .
कोरोना महामारी से ठप्प हो चुके जनजीवन ने अब पुन: रफ्तार पकडऩा शुरू किया है। इसमें अहम भूमिका निर्माण उद्योग की है। राजस्थान सरकार के भवन एवं अन्य संनिर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की ओर से निर्माण श्रमिकों एवं उनके आश्रित बच्चों के लिए श्रम विभाग की ओर से 5 नई प्रोत्साहन योजनाएं शुरू की गई हैं। इनमें भवन निर्माण मिस्त्री, पेंटर, प्लंबर, कारपेंटर, मार्बल कारीगर, इलेक्ट्रीशियन, महात्मा गांधी नरेगा योजना में एक साल में 90 कार्य दिवस वाले ऐसे श्रमिक जो श्रम विभाग में पंजीकृत हैं, वह इन योजनाओं का नियमानुसार लाभ ले सकेंगे।
योजना में मुख्यतया देश एवं प्रदेश के उच्चतम प्रशासनिक पदों पर आसीन होने के लिए प्रोत्साहन, देश के उच्चतम प्रबंधन संस्थानों से शिक्षा प्राप्ति के लिए प्रोत्साहन, अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में भागीदारी के लिए प्रोत्साहन एवं निर्माण श्रमिकों को विदेशों में रोजगार के अवसर सुलभ कराने तथा उन्हें स्वव्यवसाय के लिए प्रोत्साहित करने के लिए आर्थिक सहायता का प्रबंध किया गया है।
श्रम उपाआयुक्त संकेत मोदी ने बताया कि इन योजनाओं में निर्माण श्रमिकों के लिए व्यवसायिक ऋण पर ब्याज के पुनर्भरण योजना, निर्माण श्रमिक एवं उनके आश्रित बच्चों की ओर से भारतीय, राजस्थान प्रशासनिक सेवा के लिए आयोजित प्रारंभिक प्रतियोगी परीक्षा उत्तीर्ण करने पर प्रोत्साहन योजना, निर्माण श्रमिकों के पुत्र, पुत्री का आईआईटी, आईआईएम प्रवेश मिलने पर ट्यूशन फीस की पुनर्भरण योजना, निर्माण श्रमिकों को विदेश में रोजगार के लिए वीजा पर होने वाले व्यय का पुनर्भरण योजना और निर्माण श्रमिक अन्तरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगियों के लिए प्रोत्साहन योजनाएं शुरू की गई हैं।
परीक्षा पास करने पर दिए जाएंगे 1 लाख रुपए
भारतीय प्रशासनिक सेवा की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने पर एक लाख रूपए और राजस्थान प्रशासनिक सेवा की प्रारंभिक उत्तीर्ण करने पर 50 हजार रूपए दिए जाने का प्रावधान है। साथ ही अन्तरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने पर 2 लाख रुपए, कांस्य पदक हासिल करने पर 5 लाख रुपए, रजत पदक हासिल करने पर 8 लाख रुपए एंव गोल्ड मेडल हासिल करने पर 11 लाख रुपए दिए जाएंगे।