भीलवाड़ा

मांडलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 210 गांव, इलाज के लिए होती भागदौड़

मांडलगढ़ व बिजौलियां में उपखण्ड मुख्यालयमांडलगढ़ में है नगर पालिका व दो पंचायत समिति

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Mar 11, 2023
मांडलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 210 गांव, इलाज के लिए होती भागदौड़,मांडलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 210 गांव, इलाज के लिए होती भागदौड़

भीलवाड़ा. मांडलगढ़. मांडलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 67 ग्राम पंचायते हैं। इनमें छोटे-बड़े 210 से अधिक गांव जुड़े हैं। क्षेत्र में दो पंचायत समिति तथा मांडलगढ़ व बिजौलियां उपखण्ड हैं। नगर पालिका तक है। खदानों व खेती में काम करने वाले ग्रामीण व श्रमिक इलाज के लिए मांडलगढ़ आते हैं, लेकिन यहां पर्याप्त संसाधनों के अभाव में भागदौड़ करनी पड़ रही है।

राजस्व व खेती के मामले आगे रहने वाला मांडलगढ़ क्षेत्र चिकित्सा व्यवस्था के मामले में काफी पिछड़ा है। क्षेत्र में चिकित्सकों की कमी नई बात नहीं है। लेकिन चिकित्सकों की नियुक्ति के बाद भी चिकित्सा सुविधाओं का अभाव लोगों के मर्ज को और बढ़ा देता है। यही कारण है कि सरकारी अस्पताल की अपेक्षा निजी अस्पतालों में ज्यादा भीड़ रहती है। ऐसा नहीं है कि निजी अस्पतालों में ज्यादा योग्य चिकित्सक मिलते हैं लेकिन सरकारी अस्पतालों की असुविधा और लापरवाही को देखते लोगों का विश्वास सरकारी अस्पताल में उपचार और चिकित्सकों से उठता जा रहा है।

नहीं मिलते अस्पतालों में डॉक्टर

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में सुविधा का अभाव होने से श्रमिकों व अन्य लोगों को छोटी-छोटी बीमारी के लिए भागदौड़ करनी पड़ती है। निजी चिकित्सालमों में लोगों की जान तो बच जाती है, लेकिन अस्पताल के खर्चो और दवाइयों के बिल के कारण अधिकतम मध्यम वर्ग के लोगों को कंगाली का सामना करना पड़ता है। देखा जाए तो एक सामान्य व्यक्ति को अपनी आय का अधिकतम हिस्सा अस्पतालों में उपचार के लिए देना पड़ता है। दूसरी तरफ सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों और नर्सो की नियुक्ति के बावजूद जरूरतमंद लोगों को उनकी सेवाएं नहीं मिल पाती हैं। अधिकतम सरकारी डॉक्टर अपना ज्यादा समय अपने निजी क्लीनिक और प्रैक्टिस को ही देते है। इस परेशानी की मार अधिकांश दूरदराज के इलाकों में रह रहें लोगों को झेलनी पड़ती है।

संसाधनों की कमी, करते हैं रैफर

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में जरुरी उपकरणों की भी कमी है। ग्रामीणों का कहना है कि जरूरी संसाधन नहीं होने से भी डॉक्टर मजबूरन मरीजों को भीलवाड़ा के लिए रैफर कर देते हैं। चिकित्सा व्यवस्था खराब होने के कारण यहां छोटे से छोटे रोगों के लिए भी उचित चिकित्सा उपलब्ध नहीं है। लोगो को बेहतर चिकित्सा के लिए भीलवाड़ा, कोटा व उदयपुर केअस्पतालों का रुख करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि मांडलगढ़ में उप जिला अस्पताल खुलता है तो चिकित्सा सेवा में सुधार के साथ कई सुविधा भी मिलेगी। इसके लिए भाजपा व कांग्रेस के नेताओं को मिलकर प्रयास करने चाहिए।

Published on:
11 Mar 2023 10:12 am
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